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सांसद डॉ रावत के सुझाव पर जयसमन्द का जोनल मास्टर प्लान तैयार होगा, पलायन रुकेगा, रोजगार मिलेगा -सांसद डॉ रावत ने बजट पूर्व उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी को लिखा था पत्र -बजट घोषणा में भी इस फैसले को शामिल किया

By Goapl Gupta · 18 Feb 2026 · 6 views
सांसद डॉ रावत के सुझाव पर जयसमन्द का जोनल मास्टर प्लान तैयार होगा, पलायन रुकेगा, रोजगार मिलेगा
-सांसद डॉ रावत ने बजट पूर्व उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी को लिखा था पत्र
-बजट घोषणा में भी इस फैसले को शामिल किया

उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत के सुझाव पर अब जयसमन्द का जोनल मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसको बजट में भी शामिल कर लिया गया। मास्टर प्लान बनने से इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा और बडी संख्या में हर साल हो रहा पलायन भी रुकेगा।
जयसमन्द वन्यजीव क्षेत्र (सलूम्बर जिला) को इको सेंसिटिव जोन घोषित किए जाने से प्रभावित ग्रामवासियों की आजीविका संरक्षण के लिए पर्यटन मास्टर प्लान तैयार करने को लेकर सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने उप मुख्यमंत्री सुश्री दिया कुमारी को पत्र लिखा था। सांसद डॉ रावत ने बताया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना 6 अगस्त, 2020 के द्वारा सलूम्बर जिले में जयसमन्द वन्यजीव क्षेत्र को इको-सेंसिटिव जोन घोषित किया गया था, जिसके बाद यहां पर्यावरण से सम्बन्धित अनेक प्रतिबंधात्मक नियम लागू हो गए। यह उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र में स्थित है. जहां पेसा, 1996 एवं वनाधिकार, 2006 कानून स्थानीय जनजातीयों के हितार्थ प्रभावी है। सांसद डॉ रावत ने पत्र में बताया कि इस अधिसूचना के प्रभाव से इस जोन में स्थित गांवों जैसे-तुलसी का नामला, नईझर, बगरूवा, अजबरा, बसोत, रूणिजा, वसु, अदवास, जगत, जावद, गींगला, नयाकुआ, मेन्दुडा, सेमाल, घुलजी का गुढा, सराड़ी, कन्तोडा, बुटवास, पहाड़ी, बटुका, झाड़ोल, धानी मेलाना, धावड़िया, डिंगाड़ी फला, देवला, ओड़ा इत्यादि के ग्रामवासियों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। परिणामस्वरूप क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अभाव में पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान हेतु यह आवश्यक है कि क्षेत्र में युक्तिसंगत नियमों में उपयुक्त छूट प्रदान करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से व्यापक परामर्श के माध्यम से एक समग्र पर्यटन मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इससे झील के विभिन्न टापुओं एवं झील के किनारों पर निवासरत स्थानीय नागरिकों, विशेषतः जनजाति समाज के परिवारों, की आजीविका को सुदृढ किया जा सकेगा तथा क्षेत्र में रोजगार नए अवसर सृजित होंगे, जिससे रोजगार के लिए हो रहे पलायन पर भी प्रभावी रूप से अंकुश लगाया जा सकेगा।
सांसद डॉ रावत के इस पत्र पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए सरकार ने जयसमंद का जोनल मास्टर प्लान तैयार करने का निर्णय ले लिया है। उप मुख्यमंत्री सुश्री दिया कुमारी ने बजट में भी इस निर्णय को शामिल कर लिया है। जयसमंद के साथ ही धोलपुर के केसरबाग, चुरु के तालछापर व बारां के शेरगढ वन्यजीव अभ्यारण्यों के इको सेंसेटिव जोन के लिए जोनल मास्टर प्लान तैयार करने की घोषणा की गई है।

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