धौलपुर में एसीबी का शिकंजा : 50 हजार की घूस लेते पटवारी गिरफ्तार, म्यूटेशन कार्य बना रिश्वत का जरिया***
By Goapl Gupta ·
25 Feb 2026 ·
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धौलपुर में एसीबी का शिकंजा : 50 हजार की घूस लेते पटवारी गिरफ्तार, म्यूटेशन कार्य बना रिश्वत का जरिया***
*धौलपुर में एसीबी का शिकंजा : 50 हजार की घूस लेते पटवारी गिरफ्तार, म्यूटेशन कार्य बना रिश्वत का जरिया****
धौलपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ( एसीबी) ने एक और सख्त कार्यवाही को अंजाम दिया ।
कृषि भूमि के म्यूटेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले ₹50000 की अवैध राशि मांगने वाले एक पटवारी को टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया , गिरफ्तारी के साथ ही उसके कब्जे से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।
मामला उस समय सामने आया। जब एक परिवादी ने एसीबी धौलपुर चौकी में शिकायत दर्ज कराई , कि संबंधित पटवारी वीरेंद्र शर्मा जमीन के म्यूटेशन का रिकॉर्ड खोलने के लिए ₹50000 की मांग कर रहा है । परिवादी का आरोप था , कि बिना रकम दिए फाइल आगे बढ़ने से साफ बना कर दिया गया।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी के डीएसपी ज्ञानचंद मीणा के नेतृत्व में टीम ने प्राथमिक जांच और सत्यापन किया।
शिकायत सही पाए जाने पर अधिकारियों ने ट्रेप की रणनीति तैयार की। तय योजना के तहत परिवादी को आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से सतर्क एसीबी टीम ने मौके पर कार्यवाही करते हुए उसे पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से ₹50000 नगद बरामद हुए , कार्यवाही के दौरान एसीबी टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और साक्ष्य एकत्रित किए ।
जानकारी के अनुसार वीरेंद्र शर्मा बसई सांमता क्षेत्र में पटवारी के पद पर कार्यरत था ।
वह धौलपुर शहर के कायस्थ पाड़ा मोहल्ले में किराए के मकान में निवास कर रहा था। एसीबी टीम ने उसी स्थान पर दबिश देकर गिरफ्तारी की। जिससे इलाके में हलचल मच गई।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और भी जांच की जा रही है , कि कहीं उसने अन्य मामलों में भी इसी तरह की अवैध वसूली तो नहीं की। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
एसीबी ने आमजन से अपील की है , कि यदि किसी सरकारी कर्मचारियों द्वारा कार्य के बदले रिश्वत की मांग की जाती है तो अविलंब इसकी सूचना विभाग को दें । ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्टर *वॉइस ऑफ़ मीडिया* राजस्थान
शिंभू सिंह शेखावत