हत्या या हादसा ?
By Goapl Gupta ·
27 Feb 2026 ·
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हत्या या हादसा ?
धौलपुर (राजीव जगरिया) जब सैयां हुए कोतवाल तो फिर डर काए का शायद इसी बात को मान कर जिले के मुखिया ने बेखौफ और बेलगाम होकर आगरा मुम्बई राष्ट्रीय मार्ग पर गुजरने वाले वाहनों पर जबरन वसूली कराना शुरू कर दिया है अगर जांच के समय आंच आएगी तो हम धनबल के साथ उसको तत्काल प्रभाव से उसको समाप्त कर देंगे फिर किसी के मां का लाल और एक पत्नी की मांग का सिंदूर सहित घर में पिता के लिए नौनिहाल की किलकारी क्यों ना चीख पुकार करती रहे लेकिन हम तो मौत के सौदागर जो ठहरे है शायद जिले में राज्य सरकार द्वारा तैनात एक विभाग के मुखिया ने अपने को राज्य सरकार से अधिक अपने को बाहुबली मान लिया है । सरकार ने इनको राष्ट्रीय राज्य मार्ग सहित राज्य के मार्गों पर जांच के लिए लगा रखा है और इनके निर्देश पर ही सब की नियुक्ति की जाती है परंतु विभाग के मुखिया इस निगरानी के बजाए अपने सह कर्मियों को लूट की छूट दे रहे है जिसका नतीजा विभाग के मुखिया की निगरानी में एक सप्ताह पूर्व एक वाहन चालक अकरम पुत्र हसमुद्दीन खान निवासी चांदपुर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई जिसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि यह हत्या या हादसा था। अभी यह मामला शांत होता उससे पहले आमजन जहां हत्या की आशंका जता रहे तो कुछ इसे हादसा बताने से नहीं चूक रहे हैं। हालांकि इस मामले के लिए एक मेडिकल टीम ने निरीक्षण किया जिसकी जांच रिपोर्ट आने वाली है परन्तु सवाल यह है जब यह हत्या या हादसा है तो फिर वाहनों की तलाशी लेने विभाग के मुखिया क्यों बौखलाए हुए हैं इससे साबित होता है कि दाल में कुछ काला था परंतु मृतक के परिजनों ने अपना लाभ लेने में ही भलाई समझी क्योंकि वह जानते हैं कि परदेश में मगरमच्छ से बैर लेकर कोई लाभ नही मिल सकता है और इसी का फायदा उठा कर विभाग के मुखिया बेखौफ होकर डराने में लगे हुए जिससे उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर सके। मृतक के परिजन ने रात्रि को कई सवाल खड़े किए थे लेकिन जैसे जैसे सूरज की किरणों ने अपना उजाला बिखेरा विभाग के मुखिया ने अंधेरे के लाभ में सबको चका चौंध कर दिया और सवाल उठाने वाले सूरज की तपिश में जल कर शांत हो गए। इस मामले में वास्तविकता कुछ भी हो लेकिन वर्तमान में विभाग पर कई सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।