रक्तवीर संगीता गौड़
By Goapl Gupta ·
07 Mar 2026 ·
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रक्तवीर संगीता गौड़
आज हम आपको एक ऐसे इंसान के बारे मे बात कर रहे है जिन्होने अपना जीवन दुसरो की निस्वार्थ सेवा करने मे लगाया हुआ है। रक्तवीर संगीता गौड़ एक ऐसा नाम जिसे शायद ही कोई नहीं जानता हो। वर्तमान मे प्रधानाचार्य पद पर आसीन रक्तवीर संगीता गौड़ रा. बा. उच्च. मा. विद्यालय बालेटा मे कार्यरत है। इस विद्यालय मे आने से पहले ये राजगढ़ के तालाब के उ. मा. वि. मे भूगोल के व्याख्याता पद पर थी। तालाब के विद्यालय की आज जो पहचान है वो संगीता गौड़ के अथक प्रयासों का फल है। जिस विद्यालय मे जगह जगह गड्डे हो रखे थे आज उसी जगह पर बच्चे खेलते है खाना खाते है विद्यालय मे चारो ओर हरियाली है। ये सब का श्रेय संगीता गौड़ जी को जाता है इन्होने इस विद्यालय को आज selfi point के नाम से पहचान दिलाई है। संगीता गौड़ ने जब इस विद्यालय मे ज्वाइन किया तो इस विद्यालय की दशा बहुत खराब थी। इन्होने सहगल फाउंडेशन के साथ मिलकर विद्यालय की एक अलग छवि बनाने का काम किया। भामाशाओ को तैयार किया और एक वर्ष मे 58 लाख का कार्य भामाशाहों से करवाया जिसके लिए इन्हे शिक्षा मंत्री गोविन्द डोटासरा जी द्वारा राज्य स्तरीय भामाशाह प्रेरक अवार्ड से सम्मानित किया गया ओर आज विद्यालय पूरे राजस्थान मे अपनी एक अलग पहचान से जाना जाता है। इसके अलावा मिशन हेल्पलाइन कोर कमेटी के साथ मिलकर संगीता गौड़ ने गरीब जरूरतमंद लोगों को राशन किट, सर्दियों मे कम्बल, जूते, जर्सी, विद्यालय मे पढ़ने वाले निर्धन बच्चों को कॉपी पेन पेन्सिल, किताब, जूते जर्सी, जुराब, पानी की बोतल, बैग आदि जरुरी सामान उपलब्ध करवाया है। इसके अलावा जब देश मे जब कोरोना महामारी ने अपना विकारल रूप धारण किया ज़ब हर कोई इंसान अपने अपने घरों मे कैद था, पूरे देश मे ज़ब लॉकडाउन लगा हुआ था तब रक्तवीर संगीता गौड़ ने हिम्मत दिखाते हुए घर से बाहर निकल कर लोगों को कोरोना से बचने के लिये जागरूक करने की जिम्मेदारी निभाई। घर घर जा कर लोगों को मास्क वितरित किये, सेनेटाइजर का उपयोग बार बार करने के लिये लोगों को समझाया, भूखे प्यासे जानवरो के लिये भोजन पानी की व्यवस्था करवाई गयी। कोरोना कॉल मे 6500 लोगों को वैक्सीन लगवाई 269 लोगों को प्लाज्मा और ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई और बंजारा बस्ती मे जा कर लोगों को मास्क बाँटे गये। महामारी के दौरान ही बच्चों की ऑनलाइन क्लास ले कर उन्हें पढ़ाया।गणित विषय का अध्यापक नहीं होने के बाद भी गणित पढाकर बच्चों का 10 वी board हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान मे संगीता गौड़ जिला सचिव के पद पर कार्यरत हैं टीम के साथ मिल कर रंगोली, मेंहदी, साइकिल रैली के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचने के लिये जागरूक किया गया। गरीब जरूरतमंद लोगों को राशन किट उपलब्ध करवाई गयी। ब्लड कैंप लगा कर ब्लड की कमी पूरी गयी ओर प्लाज्मा, ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाये गये, मास्क एवम sanatizer लोगों के घर खाना पहुंचाया कोरोना महामारी मे इनके द्वारा किये गये कार्य के लिये राज्य सरकार एवं बहुत सी संस्थाओ द्वारा संगीता गौड़ को कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया।
इसके बाद इन्होने तालाब के उ. मा. वि. मे भामाशाओ की मदद से पानी की बोरिंग लगवाई। विद्यालय मे 58 लाख का कार्य करवाने के लिये इन्हे राज्य स्तरीय भामाशाह प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके बाद इनका प्रमोशन हुआ ओर इन्होने नागौर के संखवास मे प्रधानाचार्य पद पर कार्यभार ग्रहण किया। वहां भी विद्यालय की स्थिति बहुत खराब थी। संखवास मे इन्होने मात्र डेढ़ महीने के कार्यकाल मे भामाशाहो को विद्यालय विकास मे सहयोग करने के लिये प्रेरित किया ओर भामाशाओ ने विद्यालय मे सहयोग भी दिया। इनकी कार्यप्रणाली को देखते हुए वहां के स्थानीय लोगों ने इनके काम की बहुत तारीफ की। पारिवारिक कारणों के चलते इनका ट्रांसफर अलवर के मालाखेड़ा ब्लॉक के बालिका उ. मा. वि. मे हुआ। यहां पर कार्यभार ग्रहण करने के कुछ दिनों बाद ही नागौर के संखवास विद्यालyरक्तवीर संगीता गौड़
आज हम आपको एक ऐसे इंसान के बारे मे बात कर रहे है जिन्होने अपना जीवन दुसरो की निस्वार्थ सेवा करने मे लगाया हुआ है। रक्तवीर संगीता गौड़ एक ऐसा नाम जिसे शायद ही कोई नहीं जानता हो। वर्तमान मे प्रधानाचार्य पद पर आसीन रक्तवीर संगीता गौड़ बालेटा के बालिका विद्यालय मे कार्यरत है। इस विद्यालय मे आने से पहले ये राजगढ़ के तालाब के उ. मा. वि. मे भूगोल की व्याख्याता पद पर थी। तालाब के विद्यालय की आज जो पहचान है वो संगीता गौड़ के अथक प्रयासों का फल है। जिस विद्यालय मे जगह जगह खड्डे हो रखे थे आज उसी जगह पर बच्चे खेलते है खाना खाते है विद्यालय मे चारो ओर हरियाली है। ये सब का श्रेय संगीता गौड़ जी को जाता है इन्होने इस विद्यालय को आज selfi पांइट के नाम से पहचान दिलाई है। संगीता गौड़ ने जब इस विद्यालय मे ज्वाइन किया तो इस विद्यालय की दशा बहुत खराब थी। इन्होने सहगल फाउंडेशन के साथ मिलकर विद्यालय की एक अलग छवि बनाने का काम किया। भामाशाओ को तैयार किया ओर आज विद्यालय पूरे क्षेत्र मे अपनी एक अलग पहचान से जाना जाता है। इसके अलावा मिशन हेल्पलाइन कोर कमेटी के साथ मिलकर संगीता गौड़ ने गरीब जरूरतमंद लोगों को राशन किट, सर्दियों मे कम्बल, जूते, जर्सी, विद्यालय मे पढ़ें वाले निर्धन बच्चों को कॉपी पेन पेन्सिल, किताब, जूते जर्सी, जुराब, पानी की बोतल, बैग आदि जरुरी सामान उपलब्ध करवाया है। इसके अलावा देश मे जब कोरोना महामारी ने अपना विकारल रूप धारण किया ज़ब हर कोई इंसान अपने अपने घरों मे कैद था, पूरे देश मे ज़ब लॉकडाउन लगा हुआ था तब रक्तवीर संगीता गौड़ ने हिम्मत दिखाते हुए घर से बाहर निकल कर लोगों को कोरोना से बचने के लिये जागरूक करने की जिम्मेदारी निभाई। घर घर जा कर लोगों को मास्क वितरित किये, सेनेटाइजर का उपयोग बार बार करने के लिये लोगों को समझाया, भूखे प्यासे जानवरो के लिये भोजन पानी की व्यवस्था करवाई गयी। बंजारा बस्ती मे जा कर लोगों को मास्क, राशन बाँटे गये। महामारी के दौरान ही बच्चों की ऑनलाइन क्लास ले कर उन्हें पढ़ाया विद्यालय में गणित का अध्यापक नहीं होने से संगीता गौड़ ने पढ़ाकर 10वी बोर्ड का रिजल्ट 100 प्रतिशत दिया । हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान में जिला सचिव के पद पर कार्यरत संगीता गौड़ ने टीम के साथ मिल कर रंगोली, मेंहदी, साइकिल रैली के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचने के लिये जागरूक किया गया। गरीब जरूरतमंद लोगों को राशन किट उपलब्ध करवाई गयी। ब्लड कैंप लगा कर ब्लड की कमी पूरी गयी ओर प्लाज्मा, ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाये गये। कोरोना महामारी मे इनके द्वारा किये गये कार्य के लिये राज्य सरकार एवं बहुत सी संस्थाओ द्वारा संगीता गौड़ को कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया।
इसके बाद इन्होने तालाब के उ. मा. वि. मे भामाशाओ की मदद से पानी की बोरिंग लगवाई। विद्यालय मे 58 लाख का कार्य करवाने के लिये इन्हे राज्य स्तरीय भामाशाह प्रेरक अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद इनका प्रमोशन हुआ ओर इन्होने नागौर के संखवास मे प्रधानाचार्य पद पर कार्यभार ग्रहण किया। वहां भी विद्यालय की स्थिति बहुत खराब थी। संखवास मे इन्होने मात्र डेढ़ महीने के कार्यकाल मे भामाशाहो को विद्यालय विकास मे सहयोग करने के लिये प्रेरित किया ओर भामाशाओ ने विद्यालय मे सहयोग भी दिया। इनकी कार्यप्रणाली को देखते हुए वहां के स्थानीय लोगों ने इनके काम की बहुत तारीफ की। पारिवारिक कारणों के चलते इनका ट्रांसफर अलवर के मालाखेड़ा ब्लॉक के बालिका उ. मा. वि. मे हुआ। यहां पर कार्यभार ग्रहण करने के कुछ दिनों बाद ही नागौर के संखवास विद्यालय का चयन पीएम श्री योजना मे हो गया जिसका पूरा श्रेय ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य संगीता गौड़ को दिया उन्होंने फ़ोन पर इस बात की जानकारी मैडम को दी ओर कहा की आपके काम करने के जज्बे को हमारा सलाम है। आपने 50 साल पुराने विद्यालय को आज एक नई दिशा दी है।हमारे विद्यालय को 2 करोड रुपये मिलेंगे अब हमारे विद्यालय को एक नया रूप ओर नई पहचान मिलेगी ओर ये सब आपके काम से संभव हो पाया है।य का चयन पीएम श्री योजना मे हो गया जिसका पूरा श्रेय ग्रामीणोंi ने प्रधानाचार्य संगीता गौड़ को दिया उन्होंने फ़ोन पर इस बात की जानकारी मैडम को दी ओर कहा कीi आपके काम करने के जज्बे को हमारा सलाम है। ओर ये सब आपके काम से संभव हो पाया है।
प्रधानाचार्य संगीता गौड़ ने ज़ब बालेटा के बालिका विद्यालय मे ज्वाइन किया तो इस विद्यालय की दशा तो बहुत ज्यादा ख़राब थी। मात्र तीन कमरों मे सीनियर स्तर की क्लास चलना कोई मामूली बात नहीं है। बच्चों को खाना भी दो बार मे खिलाया जाता है। बच्चों को खेलने का मैदान भी नहीं है। धीरे धीरे संगीता गौड़ ने यहां के भामाशाहो से बात कर के विद्यालय मे रंगरोगन, पक्की फर्श, स्वच्छ शौचालय, पानी पीने की टंकी, वाटर कूलर, आदि उपलब्ध करवाया। इसके अलावा बच्चों के लिये बैग, जूते मोज़े, जर्सी, पेन पेन्सिल पानी की बॉटल आदि सामग्री संगीता गौड़ ने भामाशाहों से उपलब्ध करवाई है। विद्यालय विकास के लिये भामाशाहो ने माइक स्टेंड, कुर्सी, अलमारी, दरी पट्टी, बच्चों को खेलने के लिये फिसल पट्टी, फुटबॉल, कंप्यूटर प्रिंटर सेट, लैपटॉप आदि जरुरत का सामान उपलब्ध करवाया है। इस विद्यालय के लिये प्रधानाचार्य संगीता गौड़ ने एक काम अपने हाथों मे लिया हुआ है ओर वो काम है विद्यालय के नए भवन एवं खेल मैदान के लिये जमीन उपलब्ध करवाने का । इस काम के लिये संगीता गौड़ ने अब तक बहुत से प्रशासनिक अधिकारियो, जन प्रतिनिधियों भामाशाहो, शिक्षा मंत्री, आदि लोगों से विद्यालय के नए भवन एवं खेल मैदान के लिये जमीन उपलब्ध करवाने के लिये बात कर चुकी है, कई बार पत्र दे चुकी है, कृषि विभाग के अधिकारियो से बात कर चुकी है लेकिन अभी तक कोई उम्मीद नजर नहीं आई है। गांव मे सरकारी जमीन होने के बाद भी अभी तक कही से कुछ जवाब नहीं मिला है। मात्र तीन कमरों मे लगभग 220 बच्चों को पढ़ा पाना बहुत मुश्किल होता है। एक एक कमरे मे तीन चार क्लास को बैठा कर पढ़ाई करवाई जा रही है। इस से बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर हो रहा है। लेकिन संगीता गौड़ के इतने प्रयास करने के बाद भी किसी का इस समस्या पर ध्यान नहीं गया है। फिर भी संगीता गौड़ ने हार नहीं मानी है ओर निरंतर इस काम मे लगी हुई है।और जब तक वो इस स्कूल में हैं ये संघर्ष जारी रहेगा।
इसके अलावा अनाथाश्रम जाकर बच्चों को माँ की तरह प्यार देना उनके साथ समय बिताना संगीता गौड़ अपना जन्मदिन उन्ही अनाथ बच्चों के बीच मनाती हैं साथ ही अपनाघर वृद्धाश्रम में जाकर महिलाओं से मिलना उनकी समस्या सुनना उन्हें खाना खिलाना इन्हे अच्छा लगता है।
अमावस्या के भंडारे में जाकर ये स्वयं अपने हाथों से सेवा करती हैं
ब्लड डोनेशन के क्षेत्र में पूरे जज्बे और जुनून के साथ किये गए कार्यों को कौन नहीं जानता जिसके लिए इनको रक्तवीर की उपाधि मिली हुई हैं ये स्वयं अब तक 56 बार ब्लड डोनेट कर चुकी हैं और लगभग 18865 लोगों को ब्लड उपलब्ध करवा चुकी हैं और लगभग 19500 लोगों को मोटीवेट कर ब्लड डोनेट करवा चुकी हैं जिसके लिए रक्तवीरागना सम्मान, राजस्थान गौरव अवार्ड आइडियल वीमेन अचीवमेंट अवार्ड मिल चुका है,.। ये अब तक लगभग 18000 पौधे एवम 1500 परिंडे पक्षियों के लिए लगा चुकी हैं।
शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए इन्हे ब्लॉक स्तर से लेकर राज्यस्तर यानि राज्यपाल पुरुषकार से इन्हे सम्मानित किया जा चुका है
अलवर गौरव अवार्ड, 5 बार अलवर कलेक्टर द्वारा सम्मान, 3 बार माननीय sdm द्वारा सम्मानित, शिक्षा रत्न पुरुषकार, नेपाल सरकार के प्रथम प्रधानमंत्री एवम उपराष्ट्रपति द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2 बार सम्मानित किया जा चुका है। इनकी प्रेरणा से मिशन हेल्पलाइन कमिटी की स्वयं महिला प्रदेश अध्यक्ष होने के कारण 700 निर्धन लोगों को द्वारा राशन किट, 11000 लोगों को पूरे राजस्थान में कड़ाके की ठण्ड से बचाने के लिए कम्बल वितरण किया गया इनकी प्रेरणा से
पैनशनर समाज अलवर द्वारा 130 जरूरतमंद महिलाओ और विधवाओं को को राशन किट वितरित किया गया
तालाब विद्यालय में इनकी प्रेरणा से विद्यालय के ऐसे सभी बच्चे जिनके पिता नहीं हैं उनकी स्थानीय फीस एवम बोर्ड की फीस भामाशाहों द्वारा जमा करवाई गयी
मंत्री टीका राम जूली जी द्वारा, मंत्री संजय शर्मा जी द्वारा, सांसद डॉ कर्णसिंह यादव द्वारा सम्मानित किया जा चुका है
*जीवन का लक्ष्य**
मेरी आख़िरी सांस निकलने तक ब्लड की कमी से किसी को मरने नहीं दूंगी चाहे मेरे शरीर से ब्लड का एक एक कतरा देना पड़े
2.किसी भी बच्चे को पैसे की कमी के कारण शिक्षा से और आवश्यकता की किसी भी चीज से वंचित नहीं होने दूंगी
*मकसद**
हर क्षेत्र में हर जरूरतमंद की मदद करना।
*भावना**
छोटे बड़े सभी का सम्मान करना
*रूचि**
पढ़ना, पढ़ाना क्रिकेट, फुटबॉल खो खो, संगीत, नृत्य
*जुनून**
जो एक बार ठान लिया उसे पूरा करना चाहे कितनी कठिन परिस्थिति आये
*धैर्य**
धैर्य इतना की जब तक कार्य पूरा नहीं हो पूरी शिदत्त के साथ कार्य करना
*इनके द्वारा प्राप्त किये गए पुरुषकार**
संगीता गौड़ द्वारा किये गये कार्यों के लिये प्राप्त उपलब्धिया
1. राज्यपाल पुरस्कार
2. मदर टेरेसा समर्पण गौरव अवार्ड
3. रक्त वीरांगना अवार्ड
4. जय हो नेशनल अवार्ड
5. पर्यावरण मित्र अवार्ड
6. शिक्षक श्री अवार्ड
7. भामाशाह प्रेरक अवार्ड
8. सेवा श्री अवार्ड
9. अलवर गौरव अवार्ड
10. राजस्थान गौरव अवार्ड
11. माननीय जिला कलेक्टर द्वारा सम्मानित 5 बार सम्मानित
12. मालाखेड़ा sdm द्वारा सम्मानित
13. राजगढ़ sdm द्वारा 2 बार सम्मानित
14. कोरोना योद्धा अवार्ड
15. बेस्ट टीचर अवार्ड
16. आइडियल वुमन अचीवमेंट अवार्ड
17. रेडक्रॉस अवार्ड
18. शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलवार जी द्वारा सम्मानित
19. शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल जी द्वारा सम्मानित
20. उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर श्री मुकेश शर्मा द्वारा सम्मानित
21. Cdeo अलवर श्री रतन सिंह यादव द्वारा सम्मानित
22. Cdeo अलवर श्री रामेश्वर दयाल मीणा द्वारा सम्मानित
23. Cdeo अलवर श्री महेश गुप्ता द्वारा सम्मानित