सात साहित्यकारों को कोचर स्मृति सम्मान अर्पित किया गया बीकानेर 9 मार्च। लोक जागृति संस्थान द्वारा स्वतंत्रता सेनानी भाईजी राम रतन कोचर की स्मृति में जुबली नागरी भंडार की कला दीर्घा में नगर के सात साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
By Goapl Gupta ·
09 Mar 2026 ·
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सात साहित्यकारों को कोचर स्मृति सम्मान अर्पित किया गया
बीकानेर 9 मार्च। लोक जागृति संस्थान द्वारा स्वतंत्रता सेनानी भाईजी राम रतन कोचर की स्मृति में जुबली नागरी भंडार की कला दीर्घा में नगर के सात साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
स्वागत उद्बोधन देते हुए साहित्यकार राजेन्द्र जोशी ने कहा कि आज का यह आयोजन केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं है, बल्कि उस शब्द-साधना का सम्मान है जो समाज को दिशा देने का कार्य करती है।'साहित्य वह संगीत है जो शब्दों के माध्यम से आत्मा को झंकृत करता है।'
आज के इस भागदौड़ भरे और मशीनी युग में, जहाँ तकनीक हावी हो रही है, साहित्य ही वह कोमल कड़ी है जो हमें मानवीय संवेदनाओं से जोड़े रखती है। आज जिन रचनाकारों को सम्मानित किया गया है, उनकी कृतियों ने न केवल हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है, बल्कि समाज के ज्वलंत मुद्दों को भी प्रखरता से उठाया है। मुख्य अतिथि जाकिर अदीब ने कहा कि लोक जागृति संस्थान करीबन दस वर्षों से विभूतियों का सम्मान करता आ रहा है जो काबिलेतारीफ है। अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार मधु आचार्य आशावादी ने कहा कि भाईजी रामरतनजी कोचर धार्मिक सद्भावना के जीवन्त व्यक्तित्व थे। व्यक्तित्व-कृतित्व पर पत्रवाचन करते हुए डॉ. नमामीशंकर आचार्य ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में 'भाईजी' के नाम से प्रसिद्ध कोचरजी अपने लिए नहीं बल्कि अपनों के लिए जीते थे। सन् 2010 में आपके समग्र जीवन पर आधारित 'रामरतन कोचर स्मृति ग्रंथ' प्रकाशित हुआ था जो आज अपने आप में एक एतिहासिक दस्तावेज बन गया है। गांधीनिष्ठ मूल्यों पर चलने वाले भाईजी सत्य, अहिंसा, त्याग और सेवा उनके जीवनदर्शन और व्यवहार के मूलाधार थे। सार्वजनिक सेवा कार्य में रहते हुए भी आप नित्य-नियम, देवदर्शन और गुरु भक्ति में लगे रहते थे। संस्थान के अध्यक्ष गुलाम मुस्तफा बाबू भाई ने बताया कि भाईजी और हमारा एक ही परिवार हुआ करता था इतनी आत्मीयता से ओतप्रोत थे जहां धर्म-मजहब की कोई दीवार नहीं थी। विशिष्ट अतिथि डॉ. बसन्ती हर्ष नेबसामाजिक समरसता की बात कही।
समारोह में राजस्थानी साहित्य के क्षेत्र में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शंकरलाल स्वामी एवं डॉ. गौरीशंकर प्रजापत, उर्दू साहित्य के क्षेत्र में इस्हाक गौरी शफ़क़ और अब्दुल जब्बार जज़्बी एवं युवा लेखक इमरोज़ नदीम, हिंदी साहित्य के क्षेत्र में श्रीमती सरोज भाटी एवं व्यंग्यकार, प्रो. डॉ. अजय जोशी को सम्मानित किया। कार्यक्रम में विजय कोचर, डॉ. एस एन हर्ष, डॉ. कृष्णलाल विश्नोई, राजाराम स्वर्णकार, हरिशंकर व्यास, जुगलकिशोर पुरोहित, अब्दुल शकूर सिसोदिया सहित शहर के गणमान्यजन उपस्थित थे। सभी के परस्ती आभार संस्था सचिव एड.इसरारहसन कादरी ने ज्ञापित किया।
संचालन डॉ. मोहम्मद फारूक चौहान ने किया।