सीडीएफटी, उदयपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन
By Goapl Gupta ·
10 Mar 2026 ·
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सीडीएफटी, उदयपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन
उदयपुर जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT), उदयपुर के अंतर्गत कॉलेज ऑफ डेयरी एंड फूड टेक्नोलॉजी (CDFT) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. लोकेश गुप्ता थे। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास तथा समाज में नागरिक जिम्मेदारियों के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा प्रकृति के संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। डॉ. गुप्ता ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनकर वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कमलेश मीणा ने विद्यार्थियों को NSS के इतिहास, उद्देश्य तथा उसके मूल मंत्र “स्वयं से पहले आप” (Not Me But You) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में समाज सेवा की भावना को विकसित करना तथा उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना है। NSS के माध्यम से विद्यार्थी केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं प्राप्त करते, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ जुड़कर उनके जीवन की वास्तविकताओं को भी समझते हैं। डॉ. मीणा ने कहा कि NSS गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास होता है। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवक जब गांवों और समुदायों में जाकर विभिन्न सेवा कार्य करते हैं, तो उनमें सहयोग, सहानुभूति और टीम भावना जैसी महत्वपूर्ण मानवीय मूल्यों का भी विकास होता है। इससे विद्यार्थी समाज के प्रति अधिक संवेदनशील बनते हैं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने सात दिवसीय विशेष शिविर के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम तथा गांवों में श्रमदान जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज सेवा का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और वे ग्रामीण समुदाय के साथ मिलकर सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दे सकेंगे।
इस अवसर पर डॉ. निकिता वाधवान एवं डॉ. अरुण गोयल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें शिविर की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा अपनी शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम का संचालन खुशबू राठौड़ एवं अदिति सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर लगभग 80 विद्यार्थी, संकाय सदस्य तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।