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गुड़ी पाडवा की परंपरा के साथ निकली भव्य आमंत्रण यात्रा, पीले चावल देकर दिया नव संवत्सर का निमंत्रण

By Goapl Gupta · 12 Mar 2026 · 17 views
गुड़ी पाडवा की परंपरा के साथ निकली भव्य आमंत्रण यात्रा, पीले चावल देकर दिया नव संवत्सर का निमंत्रण

उदयपुर जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, नगर निगम उदयपुर तथा आलोक संस्थान, सर्व समाज संगठन के संयुक्त तत्वावधान में नव संवत्सर के कार्यक्रमों के प्रति जनजागरण और आमजन को आमंत्रित करने के उद्देश्य से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भव्य आमंत्रण यात्राएँ निकाली गईं। इन यात्राओं के माध्यम से घर-घर और दुकानों पर जाकर पीले चावल रखकर नव संवत्सर के कार्यक्रमों में आने का निमंत्रण दिया गया तथा गुड़ी पाडवा की परंपरा का प्रतीकात्मक संदेश भी दिया गया।
आलोक इंटरैक्ट क्लब हिरण मगरी, फतहपुरा और पंचवटी के तत्वावधान में तीन अलग-अलग स्थानों से आमंत्रण यात्राएँ निकाली गईं। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पीले वस्त्र धारण कर नारे और गीत गाते हुए नव संवत्सर के स्वागत का संदेश देते हुए आगे बढ़े। लोगों को नीम, काली मिर्च और मिश्री का प्रसाद भी वितरित किया गया, जो जीवन में कड़वे-मीठे अनुभवों को स्वीकार करने की भारतीय परंपरा का प्रतीक माना जाता है।
आलोक हिरण मगरी सेक्टर-11 से निकली आमंत्रण यात्रा को अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने रवाना किया।
आलोक फतहपुरा द्वारा आर.के. सर्कल से प्रारंभ हुई यात्रा फतहपुरा चौराहा, सुखाड़िया सर्कल, पंचवटी और चेतक होते हुए हाथीपोल पहुँची। वहीं आलोक पंचवटी द्वारा निकली यात्रा जगदीश मंदिर से प्रारंभ हुई, जहाँ सबसे पहले भगवान जगदीश को पीले चावल अर्पित कर नव संवत्सर का निमंत्रण दिया गया। इसके बाद यात्रा मांझी की बावड़ी, घंटाघर और मोती चौहट्टा होते हुए हाथीपोल पहुँची।
इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि महाराष्ट्र की गुड़ी पाडवा परंपरा के अनुसार गुड़ी बनाकर उसे उन्नति और उत्कर्ष का प्रतीक माना जाता है। इसमें आशापाल के पत्ते, चुनरी और लोटे को गन्ने के ऊपर स्थापित कर शुभकामनाएँ दी जाती हैं जो नववर्ष में समृद्धि और मंगल की कामना का संदेश देता है।
आमंत्रण यात्राओं के दौरान विभिन्न स्थानों पर लोगों को विक्रम संवत के स्वागत कार्यक्रमों में भाग लेने का न्यौता दिया गया। साथ ही सिंधी समाज को आगामी टीटी (चेटी) चंद पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ भी प्रेषित की गईं।
इस अवसर पर यशवंत पालीवाल, कमलेन्द्र सिंह पंवार, शशांक टांक, निश्चय कुमावत, प्रतीक कुमावत, कोमल सिंह चौहान, भूपेंद्र सिंह भाटी, शिव सिंह सोलंकी, वीरेंद्र पालीवाल, संगीता भारद्वाज, वंदना त्रिवेदी, जितेश कुमावत, मनीष तिवारी, जयपाल सिंह रावत, राजेश भारती, नारायण चौबीसा, ललित कुमावत सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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