लैलतुल कद्र की रात इबादत में गुजरी, गुनाहों के लिए माफी मांगी ,
By Goapl Gupta ·
17 Mar 2026 ·
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लैलतुल कद्र की रात इबादत में गुजरी, गुनाहों के
लिए माफी मांगी ,
उदयपुर जनतंत्र की आवाज। मुस्लिम समुदाय की ओर से सोमवार को शबे कद्र के अवसर पर अपने घरों और मस्जिदों में लाइटों से रोशनी सजावट की गई । रात भर जाकर अपने गुनाहों की माफी मांगी ।इस अवसर पर शहर के विभिन्न मस्जिदों पलटन मस्जिद, हाथीपोल मस्जिद मल्लातलाई, आयड , सवीना, सिलावट वाड़ी, अलीपुरा,पांडुवाडी, खांजीपीर,महावत वाड़ी,कलेसात सहित शहर की विभिन्न मस्जिदों में शबे कद्र के अवसर लाइटों से सजावट की गई।
इस अवसर पर रात भर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों में इबादत कर अपने गुनाहों की माफी मांगी और अपने देश में अमन चैन, खुशहाली की दुआं मांगी। साथ कब्रिस्तान जाकर अपने-अपने रिश्तेदारों के
लिए मगफिरत की दुआ की।
रज्ब की 27वीं की रात हमारे लिए बड़ी फजीलत वाली रात है। बुजुर्गों ने इस रात में कुछ खास इबादत की ताकत फरमाइए। जिसमें बेशुमार बरकत है । शबे कद्र को रमजान की आखिरी दस तारीखों की रातों में तलाश करना चाहिए। यह इबादत की रात है । जागकर इबादत की जाए । रमजान माह में रोज़ा रखना तो इबादत है साथ ही नफली नमाज़े, कुरान पाक भी पढ़नी चाहिए। कुरान पाक बेहतरीन इबादत है। कुरान शरीफ रमजान महिने से नाजिल होना शुरू हुआ। इस निस्बत से कुरान पाक का रमज़ान से गहरा रिश्ता है।
अलविदा माहे पढ़ी गई । उसके बाद देश में अमन चैन, खुशहाली की दुआं मांगी । शहर की विभिन्न मस्जिदों के नमाजियों द्वारा मौलाना,हाफीज साहब को नजराना पेश किया।
मल्लाह तलाई स्थित बड़ी मस्जिद रज़ा कालोनी के इमाम मोहम्मद इश्हाक अकबरी ने कहा कि रमजान का असली मकसद सिर्फ अपनी निजात नहीं बल्कि समाज के कमजोर तबकों को सहारा देना भी है । हमारे आसपास कई ऐसे परिवार है जो आर्थिक तंगी, बीमारी या बेरोजगारी से जूझ रहे हैं कुछ अपने गुरबत को छुपाए रखते हैं मगर उनकी जरूरत साफ दिखाई देती है। ऐसे लोगों तक मदद पहुंचाना बहुत बड़ा शवाब( पुण्य) है । जकात, सदका और फितरा का सही इस्तेमाल किया जाए। पहले अपने मोहल्ले और बस्ती के गरीबों की पहचान की जाए। रमजान में इफ्तार का सामान,राशन किट, दवाइयां ,बच्चों के कपड़े और ईद की बुनियादी जरूरत है मुहैया करना बेहद नेक काम है।
रोजा: अल्लाह ताला इस रमजान को हम सबके लिए हिदायत,बरकत और मगफिरत का जरिया बन सच्चे दिल से इबादत कर अपने गुनाहों से तौबा करने वह अपने आसपास के गरीबों और यतीन लोगों की मदद करने की तौफीक अता
फ़रमाया।