पुष्प उत्पादन एवं नर्सरी प्रबंधन पर एकदिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण
By Goapl Gupta ·
18 Mar 2026 ·
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पुष्प उत्पादन एवं नर्सरी प्रबंधन पर एकदिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण
उदयपुर जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। कृषि विज्ञान केन्द्र चित्तोडगढ़ में पुष्प अनुसंधान परियोजना, अनुसंधान निदेशालय, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के तत्वाधान में भारत सरकार की अनुसुचित जाति विशेष योजना मद (एस.सी.एस.पी) द्वारा एक दिवसीय व्यावसायिक पुष्पोत्पादन एवं नर्सरी प्रबंधन पर संस्थागत प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुसूचित जाति के 50 महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परियोजना प्रभारी डा. एल. एन. महावर एवं केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. रतन लाल सोलंकी, विशिष्ठ अतिथि डा. योगेश कन्नौजिया, प्रोफेसर (शस्य विज्ञान) प्रसार शिक्षा निदेशालय, उदयपूर एवं डा. हरि सिंह, प्रोफेसर, कृषि अर्थशास्त्र विभाग, उदयपुर ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डा. एच.एल. बेरवा ने किया तथा कार्यक्रम में श्री संजय कुमार धाकड़, तकनीकी सहायक, श्री राजू गुर्जर आदि उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण में परियोजना प्रभारी डा. एल. एन. महावर ने किसानों की आय को दुगुनी करने में व्यावसायिक फूलो की खेती में कर्षित पुष्प गुलदाउदी, गुलाब, गेंदा की क्रमबद्ध नर्सरी गमले तैयार करने एवं पौधरोपण के बारे में विस्तृत से बताया। डा. हरि सिंह, प्रोफेसर, कृषि अर्थशास्त्र विभाग, उदयपुर ने समन्वित कृषि प्रणाली पद्धति से फूलो की खेती कर किसान अपनी आमदनी एवं रोजगार अर्जन कर सकते है समन्वित कृषि प्रणाली योजना से किसान की आमदनी दुगुनी हो सकती है। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. रतन लाल सोलंकी ने किसानों को प्रशिक्षण का महत्व व कृषि विज्ञान केन्द्र की गतिविधियों की जानकारी दी एवं किसानों का फूलो की खेती में समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन का महत्व एवं आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी एवं वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करने की तकनीकी दी। फूलो की खेती में खरपतवार नियंत्रण के बारे में तकनीकी जानकारी दी। डा. योगेश कन्नौजिया, प्रोफेसर (शस्य विज्ञान) ने फूलो की खेती की शस्य क्रियाये एवं खरपतवार नियंत्रण के बारे में तकनीकी जानकारी दी। डा. एच. एल. बेरवा ने फूलो की खेती का महत्व एवं गेंदा उत्पादन पर तकनीकी जानकारी दी। प्रशिक्षण में कृषि आदान फूल एवं सब्जी के बीज, दवाईयां, उद्यानिकी टूल्स एवं फूलो की पौध आदि किसानों को उपलब्ध कराया गया।
अन्त में केन्द्र के श्री संजय कुमार धाकड़, तकनीकी सहायक ने प्रशिक्षण में पधारे सभी कृषक एवं कृषक महिलाओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।