दादूपंथी साहित्य पर राष्ट्रीय मंथन आज से राजस्थान विश्वविद्यालय में दो दिवसीय संगोष्ठी आज देशभर के विद्वान जुटेंगे
By Goapl Gupta ·
27 Mar 2026 ·
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दादूपंथी साहित्य पर राष्ट्रीय मंथन आज से
राजस्थान विश्वविद्यालय में दो दिवसीय संगोष्ठी आज
देशभर के विद्वान जुटेंगे
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग स्थित दादू अध्ययन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में दादूपंथी साहित्य पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 28 व 29 मार्च को किया जाएगा। संगोष्ठी का केंद्रीय विषय ‘दादूपंथी साहित्य चिंतन के विविध आयाम’ रखा गया है, जिसमें देशभर के विद्वान, शोधार्थी और विषय विशेषज्ञ भाग लेंगे।
संगोष्ठी में संत दादूदयाल की वाणी और दादूपंथी साहित्य के विभिन्न पक्षों पर गहन मंथन होगा। आयोजन के दौरान संत परंपरा, सामाजिक समरसता, लोकजागरण, आधुनिक संदर्भों में प्रासंगिकता तथा मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
कार्यक्रम के संरक्षक कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा हैं, जबकि सह-संरक्षक स्वामी रामसुख दास (अध्यक्ष, दादूपंथी साहित्य शोध संस्थान, जयपुर) रहेंगे। संयोजक प्रो. विनोद कुमार शर्मा होंगे। सह-संयोजक डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह और आयोजन सचिव डॉ. मीता शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आयोजकों के अनुसार संगोष्ठी में दादूपंथी साहित्य और सामाजिक समरसता, दादूवाणी में नैतिक मूल्य, भारतीय संस्कृति एवं अध्यात्म, निर्गुण साहित्य, दादू काव्य का प्रकृति चित्रण, शिल्प सौंदर्य और वर्तमान प्रासंगिकता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके साथ ही संत रज्जब और संत सुंदरदास के साहित्य, स्त्री चेतना, लोकजागरण तथा समतामूलक दृष्टि पर भी शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
सह-संरक्षक स्वामी रामसुखदास महाराज ने बताया कि यह संगोष्ठी दादूपंथी साहित्य के विभिन्न आयामों को समझने और समकालीन संदर्भों में उसकी उपयोगिता पर गंभीर विमर्श का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी।