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राम-नाम की गूंज से महरौली हुआ भक्तिमय प्रभात फेरी में उमड़ा जनसैलाब

By Goapl Gupta · 30 Mar 2026 · 33 views
राम-नाम की गूंज से महरौली हुआ

भक्तिमय प्रभात फेरी में उमड़ा जनसैलाब

पूर्व सैनिक स्व. विशन सिंह की स्मृति में 9 दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ

प्रभात फेरी संगीतमय कथा और संस्कार शिक्षा से गांव में आध्यात्मिक जागरण

रींगस .ग्राम महरौली स्थित राजपूत सभा भवन में सोमवार को पूर्व सैनिक स्व. विशन सिंह की स्मृति में आयोजित 9 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। संत-महात्माओं ने सत्संग में “राम-नाम” और “शिव-नाम” को जीवन का सच्चा सहारा बताते हुए भक्ति की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। सोमवार को कथा के दूसरे दिन प्रातः 5 बजे भव्य प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। प्रभात फेरी शनि मंदिर से प्रारंभ होकर जयगढ़ मार्ग और लक्ष्मीनाथ जी मंदिर होते हुए कथा स्थल पहुंची। पूरे मार्ग को रंगोली, पुष्पों और दीपों से सजाया गया। ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, जिससे वातावरण “जय श्रीराम” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। कथावाचक व्यासपीठ से रामकुटी श्रीधाम वृंदावन के संत श्री प्रहलाद जी महाराज ने प्रभात फेरी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह रामधुनी का सजीव रूप है, जो मन, वचन और कर्म को शुद्ध कर भक्ति मार्ग की ओर अग्रसर करता है। दोपहर 12:15 बजे शुरू हुई संगीतमय श्रीराम कथा में महाराज ने सरल और सहज उदाहरणों के माध्यम से जीवन के गूढ़ संदेश दिए। उन्होंने कहा कि सत्संग मनुष्य के विचारों में सकारात्मक परिवर्तन लाता है और जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। कथा सायं 4:30 बजे तक चली। रामकथा कथावाचक संत पहलाद जी महाराज श्री ने “राम-नाम” को सबसे सरल साधना बताते हुए कहा कि नाम-स्मरण से मानसिक शांति प्राप्त होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती के प्रसंगों के माध्यम से भक्ति और समर्पण का महत्व समझाया।

कथा के उपरांत सायं 5:30 बजे बच्चों के लिए विशेष संस्कार सत्र आयोजित किया गया। इसमें गीता अभ्यास, नैतिक शिक्षा और बुजुर्गों की सेवा के संस्कार सिखाए गए। बच्चों को अध्ययन सामग्री भी वितरित की गई, जिससे उनमें खासा उत्साह देखा गया।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने सामूहिक भजन-कीर्तन कर “हरे राम-हरे कृष्ण” संकीर्तन किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिरस में सराबोर हो गया।
समाजसेवी शंकर सिंह फौजी ने बताया कि यह आयोजन स्व. विशन सिंह की स्मृति में उनके परिवारजनों—किशन सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, यशवर्धन सिंह आयुष्मान सिंह के सहयोग से किया जा रहा है।

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