फिजियोथेरेपिस्ट मनीष कपूर 'नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड-2026' से सम्मानित
By Goapl Gupta ·
11 Apr 2026 ·
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*फिजियोथेरेपिस्ट मनीष कपूर 'नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड-2026' से सम्मानित
- दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में वर्चुअली ग्रहण किया 'इनोवेटिव फिजियोथेरेपी प्रैक्टिस अवॉर्ड'*
- *मरीजों की सेवा को प्राथमिकता देते हुए समारोह में व्यक्तिगत उपस्थिति के बजाय चुना डिजिटल माध्यम*
श्रीगंगानगर/नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2026: स्वास्थ्य और फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में विशिष्ट नवाचारों और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए श्रीगंगानगर के सुप्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट मनीष कपूर को आज प्रतिष्ठित ‘नेशनल एक्सीलेंस अवार्ड-2026’ से नवाजा गया। उन्हें यह गौरवपूर्ण सम्मान ‘इनोवेटिव फिजियोथेरेपी प्रैक्टिस अवॉर्ड’ की श्रेणी में प्रदान किया गया है।
आज शनिवार को नई दिल्ली स्थित होटल हयात सेंट्रिक में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्य अतिथि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
सेवा के प्रति समर्पण: दिल्ली जाने के बजाय मरीजों के साथ रहे
मनीष कपूर ने अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं और मरीजों के प्रति अपने अटूट समर्पण का एक अनूठा उदाहरण पेश किया। राष्ट्रीय स्तर का बड़ा सम्मान होने के बावजूद, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दिल्ली जाने के स्थान पर अपने क्लिनिक पर मरीजों की सेवा में उपस्थित रहने को प्राथमिकता दी।
उनके इस सेवा भाव को देखते हुए आयोजक कंपनी ‘काइट्सक्राफ्ट प्रोडक्शंस’ ने विशेष डिजिटल व्यवस्था की। मनीष कपूर आज दोपहर आयोजित इस समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (ज़ूम/माइक्रोसॉफ्ट टीम्स) के माध्यम से वर्चुअली जुड़े और मुख्य अतिथि व जूरी पैनल का आभार व्यक्त करते हुए अपना सम्मान ग्रहण किया।
क्यों मिला यह सम्मान?
अवॉर्ड जूरी पैनल ने मनीष कपूर के चयन के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारणों को रेखांकित किया:
कुशल नेतृत्व: फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करना।
पेशेवर ईमानदारी: चिकित्सा नैतिकता का पूर्ण पालन।
निरंतर नवाचार: फिजियोथेरेपी की आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जटिल रोगों का सुलभ उपचार।
"मेरे लिए पुरस्कार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण उन मरीजों की मुस्कान है जो दर्द से राहत पाकर घर लौटते हैं। मैं इस सम्मान के लिए चयन समिति का आभारी हूं और इसे अपने उन सभी मरीजों को समर्पित करता हूं जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया।"
— फिजियोथेरेपिस्ट मनीष कपूर
राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान और समारोह की चकाचौंध के मुकाबले मरीजों की देखभाल को चुनने का उनका निर्णय आज सोशल मीडिया और चिकित्सा जगत में चर्चा का विषय बना रहा। यह पुरस्कार न केवल उनके पेशेवर कौशल का सम्मान है, बल्कि उनके उस सेवा भाव का भी प्रमाण है जो चिकित्साजगत में एक नई मिसाल पेश करता है।