क्रांतिकारी विचारक महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती: ग्रीन वैली एकेडमी में गूंजे शिक्षा और समानता के स्वर
By Goapl Gupta ·
11 Apr 2026 ·
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क्रांतिकारी विचारक महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती: ग्रीन वैली एकेडमी में गूंजे शिक्षा और समानता के स्वर
पचलंगी। शिक्षा के उजियारे से समाज की कुरीतियों को मिटाने वाले महान समाज सुधारक, महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती आज ग्रीन वैली एकेडमी, पचलंगी में अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर 'महात्मा फुले अमर रहें' और 'शिक्षा का अधिकार, सबका अधिकार' जैसे नारों से गुंजायमान रहा।
श्रद्धांजलि और दीप प्रज्वलन
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक एवं प्रधानाचार्य द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों ने समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को याद किया।
विद्यार्थियों की सांस्कृतिक और बौद्धिक प्रस्तुतियाँ
समारोह में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से ज्योतिबा फुले के जीवन दर्शन को जीवंत कर दिया:
भाषण प्रतियोगिता: छात्रों ने ज्योतिबा फुले द्वारा महिला शिक्षा और दलित उत्थान के लिए किए गए संघर्षों पर ओजस्वी भाषण दिए।
नुक्कड़ नाटक: कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों ने 'शिक्षा का महत्व' विषय पर एक लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
काव्य पाठ: नन्हे मुन्ने बच्चों ने कविता के माध्यम से सत्यशोधक समाज के आदर्शों को साझा किया।
वक्ताओं के विचार
विद्यालय के प्रधानाचार्य शंकर लाल सैनी ने संबोधन में कहा
"महात्मा ज्योतिबा फुले केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे। उन्होंने उस दौर में शिक्षा की अलख जगाई जब समाज अंधकार में डूबा था। ग्रीन वैली एकेडमी का लक्ष्य भी उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए हर बच्चे को समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।"
प्रमुख संदेश: समानता और समावेश
कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह संकल्प लिया कि वे समाज में व्याप्त भेदभाव को मिटाने और शिक्षा को हर घर तक पहुँचाने में अपना योगदान देंगे। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताए 'सत्य, न्याय और मानवता' के मार्ग पर चलें।
ग्रीन वैली एकेडमी, पचलंगी शिक्षा | संस्कार | प्रगति