चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मातृत्व एवं बाल कल्याण / कैबिनेट मंत्री माननीय बृजेश पाठक जी को एक ज्ञापन
By Goapl Gupta ·
28 Dec 2025 ·
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युवा मंच संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ध्रुव देव गुप्ता के नेतृत्व में बदायूं पर्ल लॉन में केंद्रीय राज्यमंत्री बी एल वर्मा एवं पूर्व राज्यमंत्री वर्तमान नगर विधायक महेशचंद्र गुप्ता एवं भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं
चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मातृत्व एवं बाल कल्याण / कैबिनेट मंत्री
माननीय बृजेश पाठक जी जी को एक ज्ञापन बदायूं जनपद में स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक कार्यों में विफलता से उत्तर प्रदेश सरकार की छवि धूमिल होने के संदर्भ में बिंदुबार शिकायती सहित युवा मंच संगठन का मांग पत्र के रूप में सौंपा गया ।
इस मौके पर युवा मंच संगठन की ओर राष्ट्रीय अध्यक्ष ध्रुव देव गुप्ता के द्वारा मंच पर ज्ञापन के मुख्य बिंदुओं में बदायूं स्वास्थ्य विभाग की दुर्दशा से विभिन्न कार्यों से हो रही उतर प्रदेश सरकार की छवि धूमिल किए जाने शिकायत निम्न बिंदुओं से स्पष्ट करने की मांग रखी जाती है महोदय आपको अवगत कराना है कि बदायूं के जिला अस्पताल महिला/पुरुष/मेडिकल कालेज एवं ग्रामीण अंचलों में संचालित सीएचसी /पीएससी में स्वास्थ्य विभाग के कार्य से बदायूं जनपद वासी खून के आंसू रो रहा है कही भी बिना पैसा (रिश्वत) सुविधा शुल्क लिए बगैर को स्वास्थ्य लाभ (इलाज) नहीं किया जाता है ।
1– महिला अस्पताल बदायूं की शिकायतें
(A) महोदय बदायूं महिला अस्पताल में पैसे की चाह में सुविधा शुल्क के लिए बगैर आशाओं के द्वारा महिला नर्सों और डाक्टरों से आर्थिक सांठ गांठ कर प्रसव प्रसूति मां को और उसके तीमारदारी को इस हद तक परेशान किया जाता की वह परेशान होकर प्राइवेट अस्पताल के भर्ती हो जाये, महोदय नर्सों आशाओं और महिला डाक्टरों के द्वारा प्राइवेट अस्पतालो में आर्थिक सांठ गांठ होती है और यह प्रसूति महिलाओं को इतना तड़पाते है परेशान करते है प्रसूति गर्भवती महिला के तीमारदारों सामने महिला रक्त रिसाव होने तक डराते और धमकाते है और मानसिक प्रताड़ना देते है जिससे मरीज प्राइवेट अस्पतालो में चला जाये जिससे डॉक्टर नर्स और आशाओं की कमीशन मरीज भेजने पर उन्हें प्राप्त हो जाये ।
(B)– महोदय महिला अस्पताल में 4 हजार से लेकर 6 लेकर सुविधा शुल्क खुले आम आशाएं, नर्स और डाक्टर आपस में बांट कर लेती है बाहर से समान मांगने के नाम पर यह पैसा लिया जाता है जिनपर अस्पताल के बाहर संचालित मेडिकल स्टोरों से कमीशन सैट और वही सामान जो मरीज के लिए प्रयोग की बात कह कर मंगाया जाता है उसे फिर उन्हीं मेडिकलों पर कम दाम में वापस भी
किया जाता है एक गरीब मरीज से खूब कमाई की जा जाती है जिससे उत्तर प्रदेश की घोर छवि धूमिल की जा रही है।
(C)– महिला सरकारी अस्पताल तीन मंजिल बिल्डिंग के रूप में संचालित लेकिन यहां लिफ्ट सिर्फ फॉर्मेलिटी के लिए संचालित होती है ज्यादातर लिफ्ट बंद पड़ी रहती है प्रसव से पीड़ित महिला कैसे जीना चढ़े या स्ट्रेचर पर कैसे ओ.टी. में पहुंचे , लिफ्ट के बारे में बोला गया था कहा इतना बजट नहीं, या लिफ्ट खराब है सही हो सके या जनरेटर में तेल नहीं है लाइट नहीं है जिससे उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ जी छवि खराब की जा रही है ।
(D)– महिला सरकारी अस्पताल बदायूं में जच्चा बच्चा लालन पालन पोषण के लिए जो अस्पताल में बच्चे जन्म लेते है उनकी दी जाने अनुदान राशी में बहुत बड़ा घोटाला किया जाता है जिसे जानकारी है उसे तो पैसा प्रक्रिया के तहत मिल जाता है बाकी लोगों से प्रपत्र लेकर फर्जी बैंक एकाउंट के माध्यम से पैसा प्राप्त किया जा रहा है जिससे सरकारी योजना के लाभ में भ्रष्टाचार व्याप्त होकर सरकार की मदद पर कालिख पोतने का प्रयत्न किया जा रहा है ।
(E)– महिला सरकारी अस्पताल में कार्यरत ज्यादातर डाक्टर अपने अपने प्राइवेट अस्पताल खोले बैठे है और आशाओं नर्सों वार्ड बॉय और दलालों के माध्यम से गर्भवती मरीजों को सरकारी महिला से अस्पताल प्राइवेट अस्पतालो में भेजने का कार्य करती है इसके पीछे तर्क यह होता है कि सरकारी महिला अस्पताल में बच्चा बड़े आपरेशन से होगा जबकि वहीं सरकारी महिला अस्पताल का डॉक्टर प्राइवेट अस्पतालों में नॉर्मल डिलीवरी करवा देता है ।
(F) सरकारी महिला अस्पताल में एनाथीसिया का डॉक्टर भरपूर सैलरी प्राप्त करते है जब उनकी जरूरत महिला सरकारी अस्पताल में होती है तो वे कॉल पर बुलाए जाते है वैसे वे पूरे जिले में सुविधा शुल्क लेकर सरकारी महिला अस्पताल के डाक्टर होकर अपनी सुविधाएं प्राइवेट अस्पतालों में देते है ।
2– सीएमओ महोदय का आर्थिक सांठ गांठ का जाल पूरे बदायूं जनपद में फैला है ।
(A) महोदय बदायूं जनपद में सैकड़ों प्राइवेट अस्पताल सैकड़ों अल्ट्रासाउंड सेंटर, हजारों पैथलॉजी लैब, एक्सरे सेंटर सबसे सीएमओ से आर्थिक सांठ है मानकों के विपरीत कागजों के बनाना , और अनेकों अनमीयकताओं के बाबजूद सब कुछ रिश्वत ले कर सीएमओ कार्यालय और सीएमओ महोदय के द्वारा संचालित हो रहा है यह कार्य उत्तर प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है ।
(B)– महोदय बदायूं जनपद में हजारों छोटे बड़े क्लिनिक अस्पताल और झोला छाप डॉक्टर की भरमार जिनसे हजारों जाने जा चुकी है लेकिन पैसा लेकर सीएमओ महोदय उन पर मेहरबानी करते है कोई भी सीएमओ करोड़ों रुपया का आर्थिक लाभ प्राप्त करता है।
(C) बदायूं जनपद में जो भी योजना आती है उसमें सीएमओ महोदय का हिस्सा होता है दवाई स्टोर रूम में कारणों के दवाइयां में हेरा फेरी होती है जरूरत के स्वास्थ सामान को बाजार में स्टॉक रजिस्टर में फर्जी एंट्री कर बेंच दिया जाता है , झूठी मिथ्या रिपोर्ट बना कर पैसा अर्जित किया जाता है ।
(D)– महोदय बदायूं सीएमओ महोदय जेम पोर्टल के माध्यम स्वास्थ्य विभाग टेंडरों में उन्हीं के टेंडर पास करते जो पैसा देते है / आपको अवगत करा दे स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत लोगों सीएमओ कार्यालय के कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों के नाम से फर्जी फर्म बना रखी है जिनका कोई एक्सपीरियंस ऑडिट नहीं है जिन्हें पैसा खिला कर जैम पोर्टल से टैंडर किए जाते है और करोड़ों रुपया का घोटाला हो रहा है ।
(E)– सरकार के द्वारा गाइडल के तहत आदेशित किया गया था उन सभी नर्सिंगहोमो अस्पतालों क्लीनिकों के लाइसेंस रिन्युवल नहीं किए जाएंगे जिनकी यहां फायर अलार्म लाइन की फिटिंग नहीं होगी और वेस्टेज प्वाइंट नहीं होंगे साथ इमरजेंसी एग्जिट, और डिस्पेंसरी के मानकर अस्पताल संचालित करने के मानक पूर्ण नहीं होंगे लेकिन बदायूं जनपद में ऐसा कोई नियम लागू नहीं हुआ सब आर्थिक समझौते और रिश्वत के दम पर प्रत्येक सीएमओ संचालित करवा रहा है जिससे सरकारी मनसूबों पर पानी फिर रहा है ।
(F)– बदायूं जनपद के सीएचसीयों पीएससीयों में कोई डाक्टर ड्यूटी पर समय से नहीं पहुंचता है , सरकार द्वारा आदेशित किया गया था कि उक्त ग्रामीण सीएचसीयों पीएससीयों पर डॉक्टर कंपाउंडर नर्स वार्ड बॉय हेल्पर जो सरकारी तनख्वाह प्राप्त कर रहे है स्थानीय जगह पर ही रहेंगे इमरजेंसी में यह लोगों अस्पतालों का संचालन करेंगे । लेकिन डॉक्टर साहब समय से पहुंचते ही नहीं रहने की बात तो छोड़ दीजिए , ग्रामीण आंचल के अस्पताल तो कूड़े ढेर हो गए है मरीज इलाज कराने से डरता है सरकार की यह सबसे बड़ी नाकामयाबी साबित हो रही है इस ओर ध्यान देना ही होगा ।
3- सरकारी जिला बदायूं पुरुष अस्पताल
(A)– बदायूं जिला पुरुष चिकित्सकीय में एक मरीज को एक रूपये का पर्चा बनवाने के लिए घंटों लाइन में लगने की सजा दी जाती है , फिर वह घंटों डॉक्टर से मिलने और इलाज करने के लाइन में लगता है उसके बाद डाक्टर द्वारा लिखी लाईन में लगता है , फिर जो डाक्टर साहब ने टैस्ट लिखे है उनकी पर्ची कटाने की लाइन में घंटों लगता है अभी बचा है फिर जो टेस्ट या एक्सरे या अल्ट्रासाउंड आदि करना है उसकी लाइन में लगता फिर उसको बोला जाता है अब आप टैस्ट की रिपोर्ट अगले दिन लेना और फिर वह व्यक्ति जो टेस्ट का रिजल्ट लेकर फिर डॉक्टर की लाईन में लगता है फिर दवाई की लाइन में लगता है तब उसे एक सप्ताह की दवा का पुण्य प्राप्त होता है तब उसकी तबियत और खराब हो जाती है महोदय यह स्वास्थ्य विभाग की प्रक्रिया है या कोई सजा इस प्रक्रिया में बदलाव करना नितांत आवश्यक है बीमार या वृद्ध बीमार पीड़ित का क्या हाल होगा ।
(B)– महोदय पुरुष जिला अस्पताल में में सर्जिकल एक्सीडेंटल हड्डी बाह्य रोग आदि में ओटी (आपरेशन रूम) में प्रवेश करने का मतलब है हड्डी के आपरेशन कराना है डॉक्टर साहब बिना पैसे के मरीज का इलाज नहीं करेंगे जिसने पैसा दिया उसका ईलाज होगा बर्ना डॉक्टर साहब बोलेंगे मेरे बस का नहीं है रैफर करा लो, ऐसा मरीज जो पैसा देने की स्थिति में नहीं है उसे डॉक्टर देखने आता है और फॉर्मेलिटी करके भेज देता है यह काम खुलेआम हो रहा है महोदय किसी से भी संज्ञान लिया जा सकता है बाहर से समान मंगा कमीशन सैट कर डॉक्टर साहब खूब पैसा अर्जित कर रहे है कंपाउंडर भी है अब तो प्राइवेट अस्पताल संचालित कर लिया है हजारों रुपए इन्हें किस बात के सैलरी दी जा रही है महोदय इस विषय पर सरकार को ध्यान देकर स्टिंग ऑपरेशन करने की जरूरत है ।
(C)- इसी क्रम में आंखों के आपरेशन में खूब पैसा अर्जित किया जा रहा है आंखों में लैंस डालने के लिये डॉक्टर कंपाउंडर वार्डबॉय दलाल 2 हजार से 4 हजार रुपए तक रिश्वत रूपी सुविधा शुल्क लेते हैं रोज दर्जनों आपरेशन किए जाते है और इन पैसे को सब मिलकर आपस में बांट लेते है ।
(D)– महोदय सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और सरकारी लैब में रिश्वत रूपी आर्थिक सांठ का खेल खूब हो रहा है यहां भी निरंकुशता है ।
4- मेडिकल कॉलेज बदायूं
(A)– मेडिकल कालेज बदायूं में हर आपरेशन के डॉक्टर खेलेआम पैसे लेता है नहीं तो मरीज को बोलता बीजी हूं महीनों तारीख देता रहता है परेशान करता है यहां भी मरीज हर चीज के लिए पैसे दे रहा है तब इलाज संभव हो पा रहा नहीं तो मरीज को भर्ती कर दिया जाता है और चौथी मंजिल पर मरीज सड़ता बिलखता और अकेले पड़ा रहता है उसे इस कदर परेशान किया जाता की वो परेशान होकर भाग जाये, बहुत अभद्र व्यवहार किया जाता है गालियां देते है स्टाफ और डाक्टर अब बेचारा गरीब पीड़ित खून के आंसू रोते है । प्रिंसिपल अस्पताल में मरीजों के हाल चाल या अचूक निरीक्षण करने आते ही नहीं है ।
(B) – महोदय बदायूं मेडिकल कालेज में इलाज हेतु मशीन धूल फांक रही है करोड़ों रुपए की लागत से बनी बिल्डिंग अधूरी पड़ी है, सैकड़ों कमरे बंद पड़े है, जो एक मेडिकल कालेज में सुविधा होनी चाहिए वह मरीज हो या छात्र छात्राओं को प्राप्त नहीं हो पा रही है यह मेडिकल कालेज बदायूं इस वर्तमान सरकार में अभिशाप बनता जा रहा है ।
(C)– बदायूं मेडिकल कालेज में इमरजेंसी वार्ड डॉक्टरों के द्वारा मरीजों के साथ एक्सपेरिमेंट किया जाता है सीनियर डाक्टरों की नियुक्ति नहीं का जा रही है। डॉक्टरों बहुत शॉर्ट है जिससे यहां इलाज के लिए मरीज बहुत परेशान है ।
(5) अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रकरण
(A) महोदय पोस्टमार्टम हाउस, मोर्चरी की व्यवस्था अत्यंत भयावह है चूहे मोर्चरी में रखे शवों की आंखें खा जाते है , सब तरफ जंगल है इसलिए कोई वाहन पार्किंग नहीं है मुख्य मार्ग के सड़क की दुर्दशा है झाड़ झगाड़ खड़े है । कई एकसाथ पोस्टमार्टम होने की दशा में सैकड़ों लोगों की भीड़ होने पर बैठने आदि का कोई प्रबंध नहीं है बरसात ने कोई बैठने का शेड नहीं है इस ओर ध्यान देना आवश्यक है ।
(B)– जिला महिला अस्पताल, जिला पुरुष अस्पताल, और मेडिकल कालेज सभी में मानकों के अनुसार मरीजों को डाइट निर्धारित है लेकिन कभी भी डाइट के अनुसार भोजन डाइट नहीं दी जाती है इनकी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बहुत घटिया होती है और अंडा दूध तो कभी दिया ही नहीं जाता है महोदय जब पैसा सरकार पूरा देती है टैंडर के माध्यम से ठेकेदारों को तो यह जो भी निर्धारित डाइट है वो पूरी क्यों नहीं दी जाती है विचार कर महोदय इस विषय को गंभीर विषय मानते हुए इस शिकायत की मांग जनहित सामाजिकहित पूर्ण होना चाहिए।
(C) मृत्यु सर्टिफिकेट, विकलांगता प्रमाण पत्र, कोई भी वैरिफिकेश या कोई मेडिकल या फिर संविदा कर्मी अब सुविधा शुल्क के बिना कार्य नहीं करते है ।
(E)– टीवी डिपार्टमेंट, होम्योपैथिक डिपार्टमेंट, आंखों डिपार्टमेंट, ENT डिपार्टमेंट, रेबीज डिपार्टमेंट, सबके लिए रिश्वतरूपी सुविधा देना होता है जितनी भी सरकारी योजनाएं है स्वास्थ्य विभाग में सब में भ्रष्टाचार व्याप्त हो चुका है जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है ।
(F)– हर सरकारी अस्पताल अब cms और सीएमओ कमीशन फिक्स करे बैठा है निरीक्षण ना करने की और कार्यवाही किसी पर ना करने की फिर चाहे कुछ भी हो । अचूक निरीक्षण पद्धति प्रायः विलुप्त हो चुकी है ।
मात्र स्वास्थ्य विभाग के सफाई कर्मचारियों के द्वारा निरंतर अपनी ड्यूटी पर बल दिया जा रहा है और कार्य में कुशलता का अनुभव किया जा रहा है जिसके लिए सरकार प्रशंसा की पात्र है ।
और जगह सरकारी तंत्र में स्वास्थ्य विभाग फेल करने की पूरी कोशिश बदायूं में की जा रही है महोदय उक्त समस्त विषय बहुत ही महत्वपूर्ण है जिनमें अन्मियकताएं है आर्थिक सांठगांठ रिश्वत और दलालों ने स्वास्थ विभाग पूर्ण रूप से कलंकित कर रखा है दर्जनों स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चलने वाले अलग अलग मेडिकल सुविधाओं में अलग अलग स्वास्थ्य विभाग के हिस्सों में भ्रष्टाचार व्याप्त हो चुका है जो दीमक की तरह स्वास्थ्य विभाग को खोखला कर रहा है ।
महोदय प्रत्येक उपरोक्त विषय बहुत गंभीर है युवा मंच संगठन के माध्यम से मांग रखी जाती है पूरे उत्तर प्रदेश में इन सभी बिंदुओं पर समीक्षा होनी चाहिए है और स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की जननी रिश्वतखोरी, दलाली, कमीशनखोरी, सुविधा शुल्क रूपी प्रक्रिया और आलाधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य विभाग में हो रहे कार्यों के प्रति अनदेखी जैसे गंदगी को साफ करना नितांत आवश्यक है युवा मंच संगठन की उक्त शिकायत मांग हेतु महोदय के समक्ष यह ज्ञापन सादर प्रेषित किया गया युवा मंच संगठन के द्वारा उक्त विषय के ज्ञापन को गंभीर मानते जनहित सामाजिकहित में सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग सहित बदायूं और उत्तर प्रदेश की जनता के हित में कार्यों के लिए आपको जनता स्वास्थ्य विभाग का सुधारक बनकर आदर्श माने ऐसी मांग ज्ञापन के माध्यम से एवं अपने संबोधन से उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखी ।
इस अवसर पर अजय दिवाकर राजू सागर ओमवीर यादव अर्जुन शर्मा आकाश साहू पंकज सागर अंकुर गुप्ता सुधीर सिंह लकी कुमार विवेक शंखधार राज वर्मा राजेश भरद्वाज आर्येंद्र कुमार सलमान गद्दी सतेंद्र शाक्य राजू सागर आदि उपस्थित रहे ।