लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट लक्ष्मणगढ़ ने मकर संक्रांति पर रची मानवता की मिसाल*
By Goapl Gupta ·
14 Jan 2026 ·
15 views
*लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट लक्ष्मणगढ़ ने मकर संक्रांति पर रची मानवता की मिसाल*
*“आइए, मानवता को सबसे ऊपर रखें” के संकल्प के साथ जरूरतमंदों को मिली आत्मसम्मान के साथ राहत*
*लक्ष्मणगढ़।* लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट लक्ष्मणगढ़ द्वारा आज बुधवार 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सनातन धर्म की परंपराओं के अनुरूप दान–पुण्य, सेवा एवं सामाजिक समरसता का एक अद्वितीय, गरिमामय एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
*यह सेवा कार्य ट्रस्ट के संरक्षक प्रकाश पासोरिया, दीनदयाल जोशी एवं गिरधारी लाल जाजोदिया के सानिध्य में “आइए, मानवता को सबसे ऊपर रखें” के मुख्य उद्देश्य के साथ संपन्न हुआ।*
*कार्यक्रम के अंतर्गत ट्रस्ट द्वारा कच्ची बस्तियों में निवास करने वाले आम नागरिकों, जरूरतमंद परिवारों, महिलाओं, पुरुषों एवं नन्हे-मुन्ने बच्चों को गर्म जूते, जुराबें, चप्पल, तिल के लड्डू, बेसन के लड्डू, स्वेटर, प्लास्टिक के मग व बर्तन, बिस्कुट, चॉकलेट सहित अनेक आवश्यक उपयोगी सामग्री वितरित की गई।*
*सेवा नहीं, आत्मसम्मान का उत्सव*
*इस कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने सेवा को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा।*
*नन्हे बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों को स्वयं झुककर पैरों में चप्पल पहनाकर उनका सम्मान किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस संवेदनशील सेवा भाव ने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा का वास्तविक स्वरूप आत्मसम्मान के साथ सहयोग करना है।*
*राहत सामग्री प्राप्त कर कच्ची बस्तियों के नागरिक भावुक हो उठे और कहा—*
*“वस्तुएँ तो बहुत लोग देते हैं, लेकिन इस तरह सम्मानपूर्वक, प्रेम और आत्मीयता से सेवा पहली बार मिली है। आज यह विश्वास और मजबूत हुआ कि मानवता अभी जीवित है।”*
नर को नारायण मानकर सेवा
ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने “नर को नारायण” और “सेवा ही परमो धर्मः” की भावना के साथ पूरे समर्पण से सेवा कार्य किया। ट्रस्ट का स्पष्ट संदेश रहा कि वे किसी का जीवन बदलने का दावा नहीं करते, किंतु यदि थोड़ी सी मदद से किसी के जीवन में सम्मान, आत्मबल और आशा का संचार हो, तो यही सच्ची सफलता है।
महिलाओं की सहभागिता से सेवा का विस्तार
*कार्यक्रम की एक और विशेष पहल यह रही कि नगर की महिलाओं द्वारा मकर संक्रांति पर परंपरानुसार वितरित की जाने वाली 14-14 वस्तुएँ ट्रस्ट को प्रदान की गईं, जिन्हें ट्रस्ट द्वारा कच्ची बस्तियों में जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाया गया।*
*इससे महिलाओं का सेवा भाव घरों की सीमाओं से बाहर निकलकर वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँचा।*
उपस्थित रहे अनेक गणमान्य
इस प्रेरणात्मक सेवा कार्यक्रम में ट्रस्ट प्रभारी राजेंद्र कुमार शर्मा, दिव्यांग प्रकोष्ठ प्रभारी कमल कुमावत, रामपाल कुमावत, राजेश शर्मा (कल्लू), लोकित दईया, रोहित दईया, विवेक तंवर, हरलाल गवारिया सहित ट्रस्ट के संरक्षक, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सेवा कार्य आगे भी जारी रहेंगे
लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट लक्ष्मणगढ़ ने यह संकल्प दोहराया कि भविष्य में भी राहत सामग्री वितरण, सामाजिक सेवा एवं जरूरतमंदों के जीवन को बेहतर बनाने हेतु हर संभव प्रयास निरंतर जारी रखे जाएंगे।
यह कार्यक्रम न केवल मकर संक्रांति का उत्सव था, बल्कि मानवता, करुणा, आत्मसम्मान और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।