लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट द्वारा मौनी अमावस्या पर समरसता का संदेश, कच्ची बस्तियों में सेवा और सहयोग का अनूठा उदाहरण*
By Goapl Gupta ·
18 Jan 2026 ·
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*लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट द्वारा मौनी अमावस्या पर समरसता का संदेश, कच्ची बस्तियों में सेवा और सहयोग का अनूठा उदाहरण*
लक्ष्मणगढ़ | रविवार, 18 जनवरी 2026
*लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट, लक्ष्मणगढ़ द्वारा रविवार 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर सामाजिक समरसता, भाईचारे और सेवा भावना से परिपूर्ण एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के संरक्षक सुभाष जोशी, प्रकाश पासोरिया, गिरधारी लाल जाजोदिया, विक्रम तंवर एवं अध्यापक राजेश बियाणी के सानिध्य में ट्रस्ट कार्यकर्ताओं ने कच्ची बस्तियों में पहुंचकर जरूरतमंद भाई-बहनों के साथ आत्मीयता के साथ यह पर्व मनाया।*
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक अपनत्व और बराबरी का भाव पहुंचाना रहा। *ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने कच्ची बस्तियों में जाकर जरूरतमंद नागरिकों को खाद्य सामग्री का वितरण किया, गरम जलेबी का नाश्ता करवाया, साथ ही बिस्किट, गरम जुराब सहित अन्य उपयोगी वस्तुएं वितरित कीं। इस सेवा कार्य के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज में कोई भेदभाव नहीं, सभी एक-दूसरे के अपने हैं।*
मौनी अमावस्या के महत्व को रेखांकित करते हुए ट्रस्ट ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस पावन दिन पर दान–पुण्य कर, सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के अनुरूप अपने त्योहार मनाएं। अपनों के बीच पहुंचकर उनके जीवन में छोटी-छोटी मदद के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करें और उन्हें आगे बढ़ने की नई दिशा देने में सहयोग करें।
*ट्रस्ट के प्रभारी राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट समय-समय पर समाज में समरसता की भावना को मजबूत करने हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।*
ट्रस्ट का स्पष्ट संदेश है कि समाज में कोई भेदभाव न हो, सभी लोग आपसी भाईचारे, मेलजोल और सहयोग के साथ आगे बढ़ें।
इस कार्यक्रम में दिव्यांग प्रकोष्ठ प्रभारी कमल कुमावत, रामपाल कुमावत, पवन कस्वा, महेश कुमावत, महेंद्र घासोलिया, मनीष कुमावत, पिंकी कुमावत सहित ट्रस्ट के संरक्षक, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कच्ची बस्तियों के जरूरतमंद आम नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भावनात्मक व सार्थक बना दिया।
समरसता, सेवा और संवेदना से ओत-प्रोत यह कार्यक्रम न केवल मौनी अमावस्या की आध्यात्मिक भावना को दर्शाता है, बल्कि समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने का सशक्त संदेश भी देता है। यह आयोजन वास्तव में शानदार, लाजवाब और उत्कृष्ट सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।