ShubhBhaskar
JANTANTRAKI AWAZ
E Paper

उदयपुर में अखिल भारतीय सेठ सेठिया जैन समाज का दो दिवसीय सामूहिक विवाह सम्पन्न, 14 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

By Goapl Gupta · 20 Feb 2026 · 27 views
उदयपुर में अखिल भारतीय सेठ सेठिया जैन समाज का दो दिवसीय सामूहिक विवाह सम्पन्न, 14 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे
महाप्रज्ञ विहार से वर निकासी के साथ बारात निकली, आभा रिसोर्ट में तोरण और वरमाला की रस्मों के साथ ही हुए सात फेरों के बाद चौदह जोड़े हुए एक-दूजे के

उदयपुर जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। झीलों की नगरी उदयपुर में अखिल भारतीय सेठ सेठिया जैन समाज द्वारा आयोजित दो दिवसीय सामूहिक विवाह समारोह हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न हुआ। महाप्रज्ञ विहार एवं समीप स्थित आभा रिसोर्ट में आयोजित इस भव्य आयोजन में 14 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार और सात फेरों के साथ एक-दूजे के जीवनसाथी बने।
समारोह के मुख्य संयोजक राकेश सेठिया ने बताया कि आयोजन के दूसरे और अंतिम दिन, 20 फरवरी 2026 को प्रात: 9 बजे बाजे-गाजे के साथ वर निकासी हुई। सभी 14 दूल्हे सुसज्जित घोडिय़ों पर सवार होकर बारात में शामिल हुए। बारात महाप्रज्ञ विहार से रवाना होकर शोभागपुरा सर्कल होते हुए आभा रिसोर्ट पहुंची। इस दौरान स्थानीय एवं बाहरी शहरों से आए परिजन, रिश्तेदार और समाजजन उल्लासपूर्वक नाचते-गाते बारात में शामिल हुए।
आभा रिसोर्ट पहुंचने पर पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ विभिन्न वैवाहिक रस्में सम्पन्न हुईं। तोरण रस्म के बाद विवाह पाण्डाल में सुसज्जित चौदह अलग-अलग मंडपों में वर-वधुओं को विराजमान कराया गया। परिजनों और समाजजनों की उपस्थिति में सभी जोड़ों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। इस भावपूर्ण क्षण पर तालियों की गडग़ड़ाहट से पूरा पाण्डाल गूंज उठा।
इसके पश्चात पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-विधि सम्पन्न कराई और अग्नि की साक्षी में सात फेरे करवाए। फेरे पूर्ण होते ही विवाह की औपचारिक घोषणा की गई और सभी 14 जोड़े विधिवत परिणय सूत्र में बंध गए। विवाह संस्कार पूर्ण होने के बाद उपस्थित समाजजनों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद और उपहार प्रदान किए तथा स्मरणीय छायाचित्र भी खिंचवाए।
राकेश सेठिया ने जानकारी दी कि लगभग 50 वर्ष पूर्व केशरीयाजी तीर्थ में समाज का सामूहिक विवाह आयोजित हुआ था, जिसमें 15 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे थे। उसी आयोजन की स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम पुन: उदयपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 14 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की।
इस आयोजन में वागड़, मेवाड़, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, गुजरात, मध्यप्रदेश, मारवाड़ सहित देशभर से समाजजन उपस्थित हुए और नवविवाहित जोड़ों को शुभाशीष प्रदान किया।
समाज पदाधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के सामूहिक विवाह आयोजन सामाजिक एकजुटता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विवाहों में होने वाले अनावश्यक व्यय को भी नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होते हैं। आधुनिक परिवेश और पारंपरिक संस्कारों के समन्वय से आयोजित इस समारोह ने समाज के युवाओं में सामूहिक विवाह के प्रति सकारात्मक रूझान को और अधिक प्रोत्साहित किया है।

More News

Share News

WhatsApp

X

Facebook

Telegram

Instagram

YouTube