जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास के लिये प्रसिद्ध भामाशाह महावीर प्रसाद तापड़िया से कुलगुरु की मुलाकात*
By Goapl Gupta ·
26 Feb 2026 ·
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*जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास के लिये प्रसिद्ध भामाशाह महावीर प्रसाद तापड़िया से कुलगुरु की मुलाकात*
जयपुर।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मदन मोहन झा विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए निरंतर सक्रिय हैं। इसी क्रम में उन्होंने भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति, संस्कृत प्रेमी एवं भामाशाह महावीर प्रसाद तापड़िया से भेंट कर विश्वविद्यालय की विकास योजनाओं पर सार्थक चर्चा की।
बैठक में विश्वविद्यालय में स्थापित ‘मंत्र प्रतिष्ठान’ को पुनः सक्रिय कर शोध, शास्त्र-अध्ययन एवं पारंपरिक ज्ञान-विज्ञान के उन्नयन का सशक्त केंद्र बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। कुलगुरु महोदय ने प्रतिष्ठान में उपलब्ध यंत्रों एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग की रूपरेखा प्रस्तुत की।
इस अवसर पर श्री तापड़िया ने बताया कि सुप्रीम फाउंडेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय में 30 अध्यापक शिक्षण कार्य करवा रहे हैं। ये अध्यापक विभिन्न विषयों का अध्यापन कर रहे हैं तथा ऑनलाइन कक्षाएँ भी संचालित कर रहे हैं, जो ‘तापड़िया वैश्विक संस्कृत सेवा’ के अंतर्गत संचालित हो रही हैं। इस पहल का उद्देश्य संस्कृत शिक्षा को राष्ट्रीय ही नहीं, अपितु वैश्विक स्तर तक पहुँचाना है। कार्यक्रम में सेठ श्री सूरजमल तापड़िया आचार्य संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमंत कृष्ण मिश्र ने समन्वयकारी भूमिका निभाई। डॉ. मिश्र द्वारा राजस्थान के विभिन्न संभागों में संस्कृत शिक्षा के प्रसार एवं संस्थानों को मानवीय संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की गई। मंत्र प्रतिष्ठान के निदेशक प्रो. शंभू कुमार झा ने मंगलाचरण प्रस्तुत करते हुए शास्त्र-चर्चा, विश्वविद्यालय विकास तथा विद्वानों के संरक्षण से संबंधित विषयों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सुप्रीम फाउंडेशन के प्रतिनिधि रवि शर्मा भी उपस्थित रहे।
कुलगुरु प्रो. मदन मोहन झा ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के भामाशाहों, शिक्षाविदों और संस्कृत प्रेमियों के सहयोग से विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रो. मदन मोहन झा कुलगुरु जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय