प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत (14 मार्च) की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न ",
By Goapl Gupta ·
27 Feb 2026 ·
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प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत (14 मार्च) की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
"सुलह-समझौते से न्याय" की अवधारणा पर बैंक, बीमा और सरकारी विभागों के साथ बनी रणनीति
अलवर। माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं श्री अनंत भंडारी, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश), अलवर के निर्देशानुसार, वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत (दिनांक 14.03.2026) के सफल आयोजन हेतु आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मोहनलाल सोनी ने अलवर न्यायक्षेत्र के विभिन्न बैंकों, बीमा कंपनियों के अधिकारियों, जिला समन्वयकों एवं सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।
त्वरित और सुलभ न्याय पर जोर
सचिव श्री सोनी ने "सुलह-समझौते से न्याय" के मूल मंत्र पर बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
प्री-लिटिगेशन के राजीनामा योग्य प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित किया जाए।
चिह्नित प्रकरणों को लोक अदालत हेतु रेफर किया जाए ताकि पक्षकारों को विवादों से त्वरित, सुलभ और अंतिम राहत मिल सके।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो ताकि न्याय के इस महापर्व का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
बैठक में इन विभागों की रही मौजूदगी
न्याय के इस अभियान में सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे:
विद्युत एवं संचार: जे.वी.वी.एन.एल. से श्री के.के. गुप्ता (पी.ओ.ए.) व श्री विश्वदीप शर्मा (ए.आई.) तथा बी.एस.एन.एल. से श्री राजेश कुमार मीणा (कनिष्ठ लेखा अधिकारी)।
प्रशासन एवं विकास: यू.आई.टी. अलवर से श्री चरण सिंह (विशेष विधि अधिकारी) एवं श्री जितेन्द्र सिंह नरूका (भूमि अवाप्ति अधिकारी) तथा श्रम विभाग से श्री उदित आर्य।
बैंकिंग क्षेत्र: राजस्थान ग्रामीण बैंक से श्री भुवनेश गुप्ता, बैंक ऑफ बड़ौदा से श्री अमर सिंह यादव, भारतीय स्टेट बैंक (महल चौक) से श्री अरविंद सिंह, एच.डी.एफ.सी. बैंक से श्री राजीव कुमार एवं सोनाटा फाईनेंस से श्री भवानी सिंह जांगिड़।
अपील
सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि 14 मार्च को आयोजित होने वाली लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक पीड़ितों और विवादित पक्षों को लाभान्वित किया जा सके।