ग्राम हांसियावास में 'किसान संवाद' कार्यक्रम आयोजित: मनरेगा और कृषि डील के खतरों पर हुई चर्चा
By Goapl Gupta ·
07 Mar 2026 ·
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ग्राम हांसियावास में 'किसान संवाद' कार्यक्रम आयोजित: मनरेगा और कृषि डील के खतरों पर हुई चर्चा
कोटपूतली। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हांसियावास में एक महत्वपूर्ण 'किसान संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और ग्रामीणों के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और किसानों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तार से संवाद किया गया।
मनरेगा: ग्रामीण आजीविका का आधार
संवाद के दौरान मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब, मजदूर और जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है। इससे न केवल ग्रामीणों को उनके अपने गांव में सम्मानजनक काम मिला है, बल्कि इसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की है।
"वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा इस महत्वपूर्ण योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश रची जा रही है, जिससे ग्रामीण मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।"
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील: किसानों के लिए बड़ा खतरा
कार्यक्रम में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही कृषि ट्रेड डील के संभावित खतरों से भी किसानों को अवगत कराया गया। चर्चा में निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए गए: किसानों पर नकारात्मक प्रभाव: बिना किसानों के हितों को ध्यान में रखे की जा रही यह डील छोटे और गरीब किसानों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी। असंतुलन का खतरा: विदेशी उत्पादों के बाजार में आने से घरेलू कृषि क्षेत्र में असंतुलन पैदा होगा और किसानों की आय घटेगी। कांग्रेस का संकल्प: देश की 70% आबादी कृषि पर टिकी है। यदि यह 'किसान विरोधी' डील लागू हुई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। कांग्रेस पार्टी इस डील का पुरजोर विरोध करेगी।
ग्रामीणों की मांग
संवाद के दौरान उपस्थित किसानों ने एक स्वर में इस किसान विरोधी कृषि डील को वापस लेने की मांग की और ग्रामीण हितों की रक्षा का संकल्प लिया। साथ ही, जनहित से जुड़े अन्य विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, अजय सैनी, प्रदीप कसाना, वीरेंद्र कसाना, पवन गुर्जर सहित अनेक स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान व ग्रामीण उपस्थित रहे।