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स्वास्थ्य, शिक्षा व सकारात्मक सामाजिक सोच को बढ़ावा देने में डॉ मेहा पारीक की प्रेरणादायक पहल* *फोटोजर्नलिस्ट राजेश राजू सैनी*

By Goapl Gupta · 08 Mar 2026 · 25 views
8 मार्च महिला दिवस पर विशेष*

*स्वास्थ्य, शिक्षा व सकारात्मक सामाजिक सोच को बढ़ावा देने में डॉ मेहा पारीक की प्रेरणादायक पहल*
*फोटोजर्नलिस्ट राजेश राजू सैनी*

लक्षमनगढ 07 मार्च। महिलाओं व बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा व सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में लगातार अपनी सेवाएं दे रही लक्षमनगढ की जानी-मानी महिला एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मेहा पारीक पिछले कई वर्षों से लक्ष्मणगढ़ अंचल में महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं।
डॉ पारीक गायनेकोलॉजिस्ट के रूप में पारीक हॉस्पिटल लक्ष्मणगढ़ में कार्यरत हैं ।जो अपने चिकित्सा कार्य के साथ-साथ समाज सेवा को भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य मानती हैं। डॉ. पारीक विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य और बालिका शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके द्वारा समय-समय पर अस्पताल में महिलाओं के लिए निःशुल्क थायरॉइड जाँच शिविर आयोजित किए जाते हैं ताकि ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों की महिलाएँ आसानी से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकें और थायरॉइड जैसी सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण समस्या का समय पर पता लगाया जा सके।इसके अतिरिक्त डॉ. मेहा पारीक नियमित रूप से आस-पास के विद्यालयों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करती हैं। इन शिविरों में बच्चों की स्वास्थ्य जाँच के साथ-साथ किशोरियों के लिए विशेष स्वास्थ्य जागरूकता और परामर्श सत्र भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें मासिक धर्म स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और शारीरिक-मानसिक विकास जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाता है।
समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डॉ. पारीक पिछले चार वर्षों से नियमित रूप से गरीब बालिकाओं की शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग भी प्रदान कर रही हैं। उनका मानना है कि शिक्षित बालिका ही सशक्त समाज की नींव होती है।डॉ. मेहा पारीक द्वारा चलाया जा रहा एक अनूठा सामाजिक अभियान विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसका उद्देश्य समाज में बेटी के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है। अक्सर देखा जाता है कि बेटी के जन्म पर परिवार में निराशा या नकारात्मक सोच देखने को मिलती है। इस सोच को बदलने के लिए डॉ. पारीक ने अपने अस्पताल में एक अनोखी पहल शुरू की है, जिसमें बेटी के जन्म को अस्पताल स्टाफ के साथ मिलकर उत्सव के रूप में मनाया जाता है।इस अभियान के माध्यम से माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को यह संदेश दिया जाता है कि बेटी किसी भी रूप में बेटे से कम नहीं है और उसका जन्म भी उतना ही गर्व और खुशी का अवसर है।इसी सोच को व्यापक समाज तक पहुँचाने के लिए डॉ. मेहा पारीक ने एक विशेष फेसबुक पेज “नन्ही कली उज्ज्वल कल” भी शुरू किया है। इस पेज के माध्यम से बेटी के जन्म के महत्व, महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा और सकारात्मक सामाजिक सोच से जुड़े संदेश नियमित रूप से साझा किए जाते हैं। इस अभियान का उद्देश्य समाज में धीरे-धीरे ऐसी मानसिकता विकसित करना है जहाँ बेटी के जन्म को उत्सव और गर्व के रूप में स्वीकार किया जाए।डॉ. मेहा पारीक का यह प्रयास केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा और सकारात्मक सामाजिक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। उनके ये प्रयास लक्ष्मणगढ़ और आसपास के क्षेत्र में समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

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