खेल और सेवा का स्वर्णिम सफर: विजय कुमार रिंगसिया का सम्मानित सेवानिवृत्ति समारोह, “एकलव्य” उपाधि से होंगे विभूषित।*
By Goapl Gupta ·
29 Mar 2026 ·
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*खेल और सेवा का स्वर्णिम सफर: विजय कुमार रिंगसिया का सम्मानित सेवानिवृत्ति समारोह, “एकलव्य” उपाधि से होंगे विभूषित।*
*द्रोणाचार्य थावर मल पुजारी बोले- खेल मैदान फिर हो चालू, यही इस समारोह की सार्थकता, 'ओर मेरे जीवन की अंतिम शिखर इच्छा '।*
*लक्ष्मणगढ़।* स्थानीय चौपड़ बाजार स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में चीफ एसोसिएट (प्रधान रोकड़िया) पद पर कार्यरत विजय कुमार रिंगसिया कल 30 मार्च को सेवानिवृत्त होंगे। 39 वर्षों के बैंकिंग कार्यकाल में उन्होंने लक्ष्मणगढ़, जयपुर, फतेहपुर और रामगढ़ में सेवाएं दीं, जिनमें से लगभग 30 वर्ष लक्ष्मणगढ़ में ही कार्यरत रहे। उनके कार्यकाल में शाखा को रिजर्व बैंक आफ इंडिया द्वारा ऑडिट के दौरान एक्सीलेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। तोदी महाविद्यालय से उच्च शिक्षित रिंगसिया की विदाई केवल एक कर्मचारी की विदाई नहीं है बल्कि एक व्यक्तित्व की पूर्णाहुति है। जहाँ उन्होंने सेवा को संवेदनशीलता से जोड़ा और ग्राहकों के लिए भरोसे का पर्याय बने।
*खेल जीवन* : जुनून, जुगलबंदी और जीत की परंपरा; यदि सेवा उनका कर्तव्य था, तो खेल उनका स्वभाव। राजस्थान की वॉलीबॉल टीम में उनका नाम एक सशक्त खिलाड़ी के रूप में स्थापित रहा। वर्तमान में राष्ट्रीय कोच अशोक छक्कड के साथ उनकी जुगलबंदी खेल जगत में मिसाल बनी,-जहाँ लिफ्ट और अटैक का आल राउंड संतुलन विरोधियों के लिए चुनौती और दर्शकों के लिए रोमांच बन गया। उनकी इस यात्रा के मूल में उनके गुरु थावरमल पुजारी का द्रोणाचार्य के रूप में मार्गदर्शन और बड़े भाई प्रमोद रिंगसिया का सान्निध्य रहा। यही कारण है कि उनका खेल केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक परंपरा बन गया।
*उनके साथियों* -भागीरथ मुंड, दिनेश चोटिया, कैलाश जोशी, बनवारी वेदी, अशोक चोटिया, सज्जन त्रिवेदी, विष्णु शर्मा पीटीआई, बनवारी बोहरा, मूलचंद, सीताराम पुजारी और जयकांत भातरा- के साथ मिलकर उन्होंने अलग अलग खेलो को केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि जीवन की ऊर्जा बना दिया।
*जानकारी देते* हुए अंजनी शर्मा ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें गरिमामय “एकलव्य सम्मान” से विभूषित किया जाएगा- यह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उस प्रतिबद्धता की स्वीकृति है जो उन्होंने जीवनभर निभाई। कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यह सम्मान किसी एक मंच तक सीमित नहीं रहेगा। गोपाल लाटा ने कहा कि बैंक के औपचारिक समारोह के बाद, चौपड़ बाजार से प्रारंभ होकर शारदा सदन पुस्तकालय, मुरलीमनोहर मंदिर और परशुराम सर्किल होते हुए उनके निवास तक एक सम्मान यात्रा निकलेगी- जहाँ समाज की विभिन्न संस्थाएं उन्हें सम्मान देंगी।