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हिन्दुस्तान जिंक के शिक्षा संबल कार्यक्रम में अध्ययनरत विद्यार्थियों का उत्कृष्ठ रहा परिणाम

By Goapl Gupta · 05 Apr 2026 · 29 views
हिन्दुस्तान जिंक के शिक्षा संबल कार्यक्रम में अध्ययनरत विद्यार्थियों का उत्कृष्ठ रहा परिणाम

वर्तमान में कक्षा 6 से 12वीं के 13 हजार से अधिक विद्यार्थी हो रहे लाभान्वित

राजस्थान उदयपुर विवेक अग्रवाल। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा छात्रों के लिए चलाये जा रहे शिक्षा संबल कार्यक्रम के विद्यार्थियों का राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित दसवीं एवं बारहवीं कक्षा का परिणाम उत्कृष्ठ रहा। वर्तमान में इस कार्यक्रम में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 13 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।

हाल ही में घोषित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दसवीं के परिणामों में 92.53 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए जिनमें से 39 प्रतिशत प्रथम श्रेणी प्राप्त है। 76 राजकीय विद्यालयों में से 37 का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। इस वर्ष के परिणामों की उपलब्धि शिक्षा संबंल कार्यक्रम के तहत छात्राओं का परिणाम है जिसमें कुल 137 छात्राओं ने 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं जो कि गार्गी पुरस्कार के लिए पात्र होंगी। यह एक प्रतिष्ठित सम्मान है जो राजस्थान में छात्राओं की शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया जाता है। इसी प्रकार हाल ही में घोषित कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा के नतीजों में 99.43 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जिनमें से 86.36 प्रतिशत ने प्रथम श्रेणी हासिल की है।

वित्तीय वर्ष 2016 में शिक्षा संबंल कार्यक्रम शुरू होने के बाद से कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 67 प्रतिशत से बढ़कर 92.53 प्रतिशत हो गया है, जो कि 38 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 10वीं के लिए प्रथम श्रेणी में पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत 2016 में 14 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 39 प्रतिशत हो गया है।

शिक्षा संबल कार्यक्रम के तहत, हिंदुस्तान जिंक राजकीय विद्यालयों को अतिरिक्त शिक्षक, सीखने की सामग्री और विशेष रूप से विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों में शैक्षणिक सहायता दे रहा है। इस कार्यक्रम को वंचित समुदायों के छात्रों के बीच सीखने के नतीजों को मजबूत करने और शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

छात्रों के सीखने के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए, यह कार्यक्रम केंद्रित शैक्षणिक उपायों के माध्यम से वैचारिक स्पष्टता और अनुभवात्मक शिक्षा को भी बढ़ावा देता है। हाल ही में, हिंदुस्तान जिंक ने राजस्थान और उत्तराखंड में चार इमर्सिव स्टेम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित हेतु लैब भी स्थापित की हैं, जिनका उद्देश्य कक्षाओं को ज्यादा इंटरैक्टिव, आकर्षक, प्रौद्योगिकी-सक्षम और नवाचार-आधारित बनाना है। शिक्षा संबल कार्यक्रम 2016 में हिंदुस्तान जिंक द्वारा शुरू किया गया जो कि शिक्षा के क्षेत्र में कंपनी की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक है। क्रियान्वयन पार्टनर विद्या भवन के साथ साझेदारी में लागू किए गए इस कार्यक्रम ने कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए शैक्षणिक सहायता का एक मजबूत तंत्र तैयार किया है, जिससे सामुदायिक जुड़ाव भी बढ़ा है। यह पहल वर्तमान में कंपनी के व्यावसायिक संचालन वाले 6 जिलों - उदयपुर, सलूंबर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और अजमेर में संचालित है।

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