भारतीय रेल परिवहन दिवस का ऐतिहासिक महत्व-डॉ.श्रीनिवास महावर
By Goapl Gupta ·
16 Apr 2026 ·
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भारतीय रेल परिवहन दिवस का ऐतिहासिक महत्व-डॉ.श्रीनिवास महावर
उदयपुर | दिनांक 16 अप्रैल 2026 |जनमत मंच के तत्वाधान में भारतीय रेल परिवहन दिवस का ऐतिहासिक महत्व विषय पर जानकारी देते हुए अध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास महावर ने बताया कि
भारतीय रेल परिवहन दिवस (Indian Railway Transport Day) हर साल 16 अप्रैल को मनाया जाता है। भारतीय रेल के जनक लॉर्ड डलहौजी थे |
16 अप्रैल 1853 को दोपहर 3:30 बजे रवाना हुई थी | भारत की पहली यात्री ट्रेन बोरीबंदर (मुंबई) से ठाणे के बीच चली थी। इस ऐतिहासिक दिन को भारतीय रेलवे की स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहली ट्रेन ने लगभग 34 किलोमीटर की दूरी तय की थी। इस ट्रेन में 14 डिब्बे (बोगियां) थे और लगभग 400 यात्री सवार थे।
पहली ट्रेन को साहिब, सुल्तान और सिंध नामक तीन भाप इंजनों (Steam Engines) द्वारा खींचा गया था। इस दिन को भारतीय रेलवे की स्थापना तिथि के रूप में मनाया जाता है, जो भारत में रेल परिवहन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस दिन 'भारतीय रेल परिवहन दिवस' के रूप में रेलवे कर्मचारियों द्वारा धूमधाम से मनाया जाता है।
भारत के इतिहास में यह एक युगांतकारी घटना है। तब से लेकर आज तक भारतीय रेल परिवहन देश की सेवा में तत्पर है।
इस अवसर पर मंच के सचिव शिरीष नाथ माथुर ने बताया कि 173 वर्ष पहले भारत में रेल (Rail) की शुरुआत हुई थी । मुम्बई में वह दिन ऐतिहासिक था। उस दिन वहाँ सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया था। उस दिन दोपहर तीन बजकर तीस मिनट पर 21 तोपों की सलामी के साथ बोरीबंदर (मुंबई) से ठाणे के लिए पहली बार 14 डिब्बों की एक ट्रेन रवाना हुई थी। । उस ट्रेन ने लगभग 34 किलोमीटर का सफर 1 घंटा 15 मिनट में तय किया था।
वर्त्तमान में भारतीय रेल द्वारा यात्रियों की सुविधानुसार मेट्रो एवं वन्दे भारत जैसी ट्रेनों का सञ्चालन किया जा रहा है | जिनकी गति 100 किलोमीटर से भी अधिक है | इन ट्रेनों मैं यात्रियों को हवाई जहाज के बराबर की सुविधा प्रदान करने का भी प्रयास किया जा रहे |
भारतीय रेलवे का उद्देश्य सुरक्षा और सुरक्षा की दिशा में नए कदम,यात्री सुविधाओं में नए रुझान, वित्तीय सुधार,भारतीय रेलवे खान-पान और पर्यटन,निजी क्षेत्र की भागीदारी,सामाजिक दायित्व और कमजोर वर्गों की देखभाल,विदेशी रेलवे के साथ समझौता आदि जो की राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान निभा रही है |रेल को भारत की लाइफ लाइन कहा जाता है |
केंद्र सरकार द्वारा 2026-27 में 2,78,030 करोड़ रुपये का सकल बजटीय समर्थन (Gross Budgetary Support) प्रदान किया है, जिसमें से 79,072 करोड़ रुपये नए ट्रैक के निर्माण के लिए आवंटित किए गए हैं। भारतीय रेलवे में ट्रैक के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, उसका उन्नयन, आधुनिकीकरण एवं सुधार करना है।पर्यटन की दृस्टि से भारत गौरव ट्रैन,महाराजा एक्सप्रेस,पैलेस ऑन व्हीलस एवं गोल्डन चेरियट जैसे कई ट्रेनों का लगातार सञ्चालन किया जा रहा है जिसे देश को आर्थिक सम्बल मिले एवं युवाओ को रोजगार के अवसर भी मिलते रहे |
सहायक आचार्य आजाद मीणा एवं धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने प्रकाश डाला और कहा कि 2025-2026 में भारतीय रेलवे लगभग 25,000 ट्रेनें प्रतिदिन संचालित कर रहा है। जनवरी 2026 में जारी नए टाइम टेबल के तहत रेलवे ने 122 नई ट्रेनें शुरू की हैं और 549 ट्रेनों की गति में वृद्धि की है। इसके अलावा, त्योहारक के अवसर पर भीड़ को संभालने के लिए हजारों स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
रेलवे लगातार बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए निवेश और सुधार कर रहा है। साथ ही आम जनता को रेल द्वारा सुलभ यातायात की सुविधा प्राप्त हो रही है। जिससे आर्थिक भार कम पड़ रहा है। इसके अलावा माल का आदान-प्रदान भी रेलवे द्वारा सबसे अधिक किया जाता है।