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पौष मास की पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व शास्त्रों में कहा गया है

By Goapl Gupta · 02 Jan 2026 · 69 views
पौष मास की पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व शास्त्रों में कहा गया है कि पोस्ट पूर्णिमा के दिन किए गए स्नान दान जप तप का फल कई गुना बढ़ जाता है धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन गंगा जमुना सरस्वती जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्म अंतर के पाप नष्ट होते हैं इस दिन नदियों में स्नान करना व्रत रखना और दान करना अत्यंत पुण्य करी माना जाता है मान्यता है कि पोस्ट पूर्णिमा पर किए गए अच्छे कर्म जीवन में सुख शांति और समृद्धि लाते हैं जबकि इस दिन किए गए गलत कार्य करने से कठिनाइयां और आर्थिक समस्या उत्पन्न होती है इस दिन विशेष रूप से विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत लाभदाई होता है जिनकी कुंडली में चंद्रमा खराब फल देने वाला हो इस दिन दूध चावल सफेद वस्त्र या चांदी का दान करना चाहिए विशेष रूप से इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से भावनात्मक संतुलन मानसिक शांति और अंतकरण का शगुन मिलता है

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