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रामसर साइट मेनार गांव में हुआ तीन दिवसीय फेस्टिवल का शुभारंभ फोटो प्रदर्शनी, पेंटिंग और क्विज प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

By Goapl Gupta · 16 Jan 2026 · 11 views
रामसर साइट मेनार गांव में हुआ तीन दिवसीय फेस्टिवल का शुभारंभ
फोटो प्रदर्शनी, पेंटिंग और क्विज प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

उदयपुर संवाददाता जनतंत्र की आवाज। उदयपुर बर्ड फेस्टिवल के 12 वें संस्करण का शुभारंभ मेनार गांव की रामसर साइट पर शुक्रवार को समारोहपूर्वक हुआ। तीन दिवसीय फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि के रुप में चित्तौडगढ संसदीय क्षेत्र से सांसद सीपी जोशी और विशिष्ट अतिथि के रूप में सांवलिया जी मंदिर मंडल अध्यक्ष जानकी दास उपस्थित रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमी, स्कूली बच्चे, स्थानीय ग्रामीण, वन विभाग के अधिकारीगण भी मौजूद थे। उदयपुर बर्ड फेस्टिवल का शुभारंभ पहली बार उदयपुर से बाहर किया गया। मेनार को हाल ही में रामसर साइट घोषित करने से फेस्टिवल के लिए इस स्थान का चयन किया गया।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि सांसद सीपी जोशी ने अपने संबोधन में मेनार गांव की विख्यात तलवारों की गैर और दोनों तालाबों के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां की तलवार की खनक और पक्षियों की कलरव विश्व प्रसिद्ध है। उन्होंने इसे रामसर साइट घोषित करने में प्रदेश एवं केंद्र सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रामसर साइट घोषित होने से मेनार का पूरे विश्व से सीधा जुड़ाव हो गया है। मेनार में सदियों से पक्षियों के संरक्षण की लंबी परंपरा रही है। रामसर साइट घोषित होने के बाद यह जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। जोशी ने मेनारवासियों के पक्षी प्रेम की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में गांव के समीप प्रस्तावित बिजली ग्रिड को पक्षी हित में अन्यत्र स्थापित करने की मांग यहां के वाशिंदों ने रखी जिसे सरकार ने मान लिया। जोशी ने आह्वान किया कि पक्षी संरक्षण की इस धरती पर आयोजित बर्ड फेस्टिवल की गूंज विश्व पटल पर सुनाई देनी चाहिए।

उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव एस आर यादव ने कहा कि मेनारवासियों की लगन एवं समर्पण भाव के चलते यह रामसर साइट घोषित हुआ है। आर्द्रभूमि को संरक्षित रखते हुए पक्षी प्रेमियों एवं पर्यटकों के लिए यहां सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उपवन संरक्षक उत्तर अजय चित्तौड़ा ने मेनार वेटलैंड परिसर के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर संभागीय मुख्य वन संरक्षक सुनील चिद्री, राजस्थान राज्य बायोडायवर्सिटी बोर्ड के सदस्य राजपाल सिंह, विक्रम सिंह, राहुल भटनागर, करण भल्ला, मुकेश सैनी, मेनार सरपंच प्रमोद ढोली, समाजसेवी घनश्याम मेनारिया, विजय लाल मेनारिया, मांगीलाल सिंघावत, पूर्व प्रधान मोहन मेनारिया, पूर्व सरपंच ऊंकार मेनारिया, पक्षीविद देवेन्द्र श्रीमाली, विनय दवे सहित कई गणमान्य, अधिकारीगण व ग्रामीण उपस्थित रहे। उपवन संरक्षक वन्यजीव वाय एस चुंडावत ने स्वागत उद्बोधन दिया। सुरभि शर्मा सहायक वन संरक्षक ने आभार ज्ञापित किया व संचालन राजेंद्र सेन ने किया।

सांसद ने दिलाई वेटलैंड मित्र की शपथ
समारोह में उपस्थित सभी को सांसद जोशी ने वेटलैंड मित्र बनने की शपथ दिलाई। शपथ में वेटलैंड के संरक्षण, पक्षियों के आवास की सुरक्षा एवं पर्यावरण को संरक्षित रखने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने स्मारिका एवं पॉकेट बुक का भी विमोचन किया।

चित्रकला और क्विज में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह
उद्घाटन समारोह में उदयपुर एवं मेनार गांव के आसपास के सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चे सम्मिलित हुए। इस दौरान उनके लिए पक्षी आधारित चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिनमें बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। पक्षी आधारित फोटो प्रदर्शनी एवं मेनार वेटलैंड पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

डॉक्यूमेंट्री में दिखाई सदियों पुरानी पक्षी संरक्षण की परंपरा
इस अवसर पर पक्षी मित्र मेनार गांव पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ष्विंग्स ऑफ़ होप दृ ए बजलिंग विलेज एंड देयर बर्ड फ्रेंड्सष् प्रदर्शित की गई। इसमें बताया गया कि मेनार गांव के मेनारिया समाज के लोगों का पक्षियों के प्रति प्रेम और उनके संरक्षण की परंपरा सदियों पुरानी है। करीब डेढ़ सौ वर्ष पूर्व एक अंग्रेज अधिकारी भारत भ्रमण के दौरान मेनार पहुंचा। अपने भोजन के लिए उसने यहां के तालाब से पक्षियों का शिकार करना चाहा तो ग्रामीणों ने दृढ़ता के साथ उसका विरोध किया और उसे शिकार नहीं करने दिया। मेनार के वाशिंदों के पशुओं के प्रति इस प्रेम को देखते हुए उसने शिकार नहीं करने का निश्चय किया और यहां के लोगों का आतिथ्य स्वीकार किया। उसने अपनी यात्रा वर्णन के दौरान इस घटनाक्रम का उल्लेख किया है।

शनिवार को होगी बर्ड वाचिंग
बर्ड फेस्टिवल के दूसरे दिन शनिवार को विभिन्न जलाशयों पर पक्षियों की अठखेलियों का अवलोकन किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने छह रूट बनाए हैं। पंजीकृत पक्षी प्रेमी अपने तय रूट पर प्रातः 6 बजे वन भवन चेटक सर्किल से बर्डिंग के लिए निकलेंगे। पहले रूट पर जाने वाली टीम किशन करेरी, बड़वाई व बडूपा जलाशयों पर पक्षी विहार देखेंगे। दूसरे रूट में रून्डेडा, मेनार व खेरोदा तालाबों को रखा गया है। तीसरे में चीरवा, नाथद्वारा, घासा, राज्यावास व रीछड़, चौथे रूट पर मंगलवाड़, नागवली, वल्लभनगर व खदोदा के तालाब शामिल किए गए हैं। पीलादर, मक्कड़शाह, देवगांव व चावंड के तालाब पांचवे रूट में सम्मलित किए गए हैं वहीं भूपालसागर, डिंडोली व कपासन के तालाबों को मिलाकर छठा रूट निर्धारित किया गया है।

गुलाबबाग व सज्जनगढ़ जैविक उद्यान में प्रवेश निःशुल्क
उप वन संरक्षक वन्यजीव यादवेंद्रसिंह चुण्डावत ने बताया कि बर्ड फेस्टिवल तथा संभाग स्तरीय वन मेले के मद्देनजर शनिवार 17 जनवरी को गुलाबबाग तथा सज्जनगढ़ जैविक उद्यान में आमजन का प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
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