सुख दो, सुख लो के संदेश से गूंजा देवगढ़ : खुशहाल महिला से ही खुशहाल परिवार और राष्ट्र का निर्माण – राजयोगिनी डॉ. सविता दीदी
By Goapl Gupta ·
04 Feb 2026 ·
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सुख दो, सुख लो के संदेश से गूंजा देवगढ़ : खुशहाल महिला से ही खुशहाल परिवार और राष्ट्र का निर्माण – राजयोगिनी डॉ. सविता दीदी
देवगढ़ / पुष्पा सोनी
“सुख दो, सुख लो, न दुःख दो न दुःख लो – यही है ईश्वरीय जीवन का मूल मंत्र” के दिव्य संदेश से ओतप्रोत वातावरण में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय माउंट आबू के महिला प्रभाग के तत्वावधान में तथा ब्रह्माकुमारीज देवगढ़ के सौजन्य से बुधवार, 04 फरवरी 2026 को प्रभुदर्शन भवन, इन्द्रप्रस्थ कॉलोनी, देवगढ़ में खुशहाल महिला, खुशहाल परिवार विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाओं, समाजसेवियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजयोगिनी डॉ. सविता दीदी, नेशनल कोऑर्डिनेटर महिला विंग, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं निदेशक, मानसरोवर कैंपस ने अपने दिव्य उद्बोधन में कहा कि महिला परिवार की धुरी है और जब महिला मानसिक रूप से सशक्त, संतुलित और प्रसन्न रहती है तो उसका प्रभाव पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र पर सकारात्मक रूप से पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज की महिला अनेक भूमिकाओं का निर्वहन करते हुए तनाव, असंतोष और मानसिक दबाव से गुजर रही है, ऐसे समय में राजयोग और ईश्वरीय ज्ञान ही वह शक्ति है जो उसे आंतरिक शांति, आत्मबल और स्थायी सुख प्रदान कर सकती है।
डॉ. सविता दीदी ने कहा कि महिला खुश होगी तो परिवार खुश होगा और जब परिवार खुश होगा तो देश स्वतः खुशहाल बनेगा। उन्होंने महिलाओं को सकारात्मक सोच अपनाने, आत्मसम्मान को जागृत करने, सहनशीलता विकसित करने और हर परिस्थिति में संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। उनके विचारों ने उपस्थित जनसमूह को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया तथा जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने की दिशा प्रदान की।
कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिला स्तर की महिला पदाधिकारी, महिला मीडिया विंग से जुड़े श्रीमती पुष्पा सोनी तथा समाजसेवी महिलाओं ने सहभागिता की और अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल बाहरी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मानसिक, नैतिक और आध्यात्मिक मजबूती से संभव है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा महिलाओं के उत्थान और व्यक्तित्व विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सविता दीदी का पारंपरिक रूप से पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में स्मृति-चिह्न एवं मिठाई भेंट कर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्माकुमारी पुष्पा दीदी, मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारीज देवगढ़ ने की। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की लहर उत्पन्न होती है और महिलाएं अपने जीवन में नई ऊर्जा एवं नई दिशा प्राप्त करती हैं।
डॉ. सविता दीदी के उद्बोधन के पश्चात उपस्थित महिलाओं एवं गणमान्यजनों ने अपने-अपने भाव व्यक्त किए और कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरणादायी बताया। सभी ने एक स्वर में स्वीकार किया कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन को सुख, शांति और संतुलन की ओर ले जाने वाला एक सशक्त अनुभव रहा। कार्यक्रम में सभी महानुभावों की उपस्थिति, सुव्यवस्थित आयोजन एवं आध्यात्मिक वातावरण के कारण यह आयोजन अत्यंत सफल एवं स्मरणीय सिद्ध हुआ।