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उदयपुर में वेदांता वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल 2026 की धूम शुरू - प्रथम दिन कैलाश खैर की गायकी में उतरा शिव और संगीत का अनोखा समागम

By Goapl Gupta · 06 Feb 2026 · 28 views
उदयपुर में वेदांता वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल 2026 की धूम शुरू

- प्रथम दिन कैलाश खैर की गायकी में उतरा शिव और संगीत का अनोखा समागम

-मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया, कैसे बताये क्यो तुझको चाहे, पर संगीत प्रेमियों ने झूम के दिया साथ-



उदयपुर संवाददाता जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल 2026 की शुरुआत पहले दिन उत्साहपूर्ण माहौल के साथ हुई, जहाँ गांधी ग्राउंड में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकार एक साथ मंच पर नजर आए। यह दिन फेस्टिवल के 10 वर्षों के ऐतिहासिक सफर की शुरुआत का प्रतीक रहा।

शुक्रवार की शाम उदयपुरराइट्स से लेकर देश विदेश के संगीत प्रेमियों के लिए मनमोह लेने वाली थी। वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल के दसवें संस्करण में गांधी ग्राउंड के मैदान पर जैसे ही कैलाश खेर ने मंच पर अपनी प्रस्तुति दी , दर्शको ने उनका तालियों और झूम के साथ दिया।
उन्होंने कैसे बताये ,क्यो तुझको चाहे, यारा बता न पाये, मुझे इश्क हो गया , मै तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया, रोग न पके न फूटे ये तो भीतर भीतर टूटे, ओ पिया ने दर्शकों को झुमा दिया।
कैलाश खेर के शिव स्त्रोत और संगीत की प्रस्तुति ने शिव और संगीत को मंच पर साकार कर दिया
हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से और सहर द्वारा परिकल्पित व प्रस्तुत यह फेस्टिवल, राजस्थान सरकार तथा पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। एक बार फिर, संगीत के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए उदयपुर एक वैश्विक मंच में परिवर्तित हो गया।
गांधी ग्राउंड की शाम विभिन्न ध्वनियों और परंपराओं के प्रभावशाली संगम के साथ आगे बढ़ी। मंच पर संगीत की विविध रंगत देखने को मिली। प्रस्तुतियों की शुरुआत राजस्थानी फोक ऑर्केस्ट्रा से हुई, जिनकी दमदार ताल और पारंपरिक धुनों ने क्षेत्र की समृद्ध संगीत विरासत को खूबसूरती से दर्शाया और पूरी शाम के कार्यक्रम के लिए माहौल तैयार किया।
इसके बाद मंच पर अंतरराष्ट्रीय रंग छा गए, जब नॉर्वे के 9 ग्रेडर नॉर्ड ने नॉर्वेजियन और तमिल फोक रॉक के अपने विशिष्ट मिश्रण के साथ प्रस्तुति दी। उनकी अनोखी क्रॉस-कल्चरल ध्वनियों ने दर्शकों से गहरा जुड़ाव बनाया। इसके बाद अल्जीरिया के सोफियान सैदी ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वैश्विक संगीत तालों के अपने अनूठे संगम के साथ उन्होंने फेस्टिवल की उद्घाटन रात को यादगार बना दिया।
शाम की सबसे अधिक प्रतीक्षित प्रस्तुतियों में से एक कैलाश खेर और कैलासा लाइव की रही, जिनकी आत्मा को छू लेने वाली गायकी और लोक व सूफी परंपराओं से जुड़ी सशक्त रचनाओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ऊर्जा से भरपूर इस प्रस्तुति में भक्ति, भावनाओं और संगीत की तीव्रता का सुंदर संगम देखने को मिला, जिसने फेस्टिवल के पहले दिन को यादगार समापन तक पहुँचाया।
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि संगीत और संस्कृति अनोखे तरीके से अलग-अलग आवाजों को एक सुर में पिरोते हैं। पहले दिन यह बात राजस्थानी लोक संगीत के साथ ग्लोबल आवाजों के मेल से खूबसूरती से दिखाई दी। हिंदुस्तान जिंक और वेदांता में, हम युवा टैलेंट को आगे बढ़ने और चमकने का मौका देकर संगीत, कला और संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। यह जिंक सिटी, उदयपुर को एक ग्लोबल कल्चरल कैपिटल में बदलने की हमारी कमिटमेंट को दिखाता है, जो क्रिएटिविटी और पैशन का जश्न मनाता है। हमें गर्व है कि यह एक प्रीमियर ग्लोबल म्यूजिक इवेंट बन गया है, जो इंटरनेशनल टैलेंट को एक साथ लाकर उदयपुर के दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।
प्रारंभिक दिन पर अपने विचार साझा करते हुए ‘सहर’ के फाउंडर संजीव भार्गव ने कहा कि फेस्टिवल का पहला दिन आने वाले दिनों की लय तय करता है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से कलाकारों को एक ही मंच पर लाना ही वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल की मूल भावना है। पहला दिन हमें एक बार फिर यह याद दिलाता है कि यह क्यों महत्वपूर्ण है, इसने सच्चे सांस्कृतिक संवाद, साझा भावनाओं और साथ मिलकर संगीत का आनंद लेने की सरल खुशी के लिए एक विशेष मंच तैयार किया।
पहले दिन की दमदार शुरुआत के बाद, वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल में शषनिवार को मांझी घाट पर सुबह 9 बजे से मेडिटेटिव संगीत, फतहसागर पाल पर दोपहर 3 बजे से रोमांटिक माहौल में प्रस्तुतियाँ और शाम 6.30 बजे से गांधी ग्राउंड पर दमदार प्रस्तुतियाँ होंगी।
फाग उत्सव

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