उदयपुर में जीवन विद्या शिविर, स्वयं को समझने का मिलेगा अवसर
21 फरवरी को श्रमजीवी महाविद्यालय, टाउन हॉल में परिचय वार्ता
उदयपुर जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। उदयपुर में जीवन विद्या परिवार द्वारा 21 फरवरी को दोपहर 1 बजे श्रमजीवी महाविद्यालय, नया सभागार, टाउन हॉल में जीवन विद्या शिविर परिचय वार्ता आयोजित की जाएगी। जिसमें कोई भी जिज्ञासु भाग ले सकता हैं। इसके बाद 22 फरवरी से 28 फरवरी तक बाहुबली विहार, टोल नाके के पास, डाकन कोटडा सलूम्बर रोड पर सात दिवसीय जीवन विद्या शिविर होगा। इस शिविर में जीवन में समझ, संबंध और सुविधा पर फोकस करते हुए अशांति और मानसिक पीड़ा के कारणों पर चर्चा कर उनके समाधान को समझाया जाएगा। यह निःशुल्क शिविर परिवारिक जीवन की जो व्यवस्था है उसे और बेहतर तरीके से जीने और समझने में सहायक होगा।
आयोजक जयंती जैन (संस्थापक: स्वास्थ्य सेतु) ने बताया कि जीवन विद्या प्रबोधक डॉ. श्याम कुमार जो स्वयं आई आई टी कानपुर के विद्यार्थी रहे हैं, वे स्वयं 21 तारीख को शिविर में “मैं कौन हूं?”, “मेरा शरीर से क्या संबंध है?”, “शरीर की आवश्यकताएं क्या हैं?”, “परिवार, समाज और प्रकृति से मेरा जुड़ाव कितना है?” जैसे मूल प्रश्नों पर मंथन करवाएंगे।
संयोजक पंडित धीरज वैदिक ने कहा कि डॉ. श्याम कुमार समझ, संबंध और सुविधा पर आधारित बात को केवल प्रस्ताव के रूप में रखते हैं, उसे मानने या न मानने का निर्णय सहभागी स्वयं करते हैं। यहां शब्दों के बजाय उनके अर्थ और भाव को समझने पर जोर दिया जाता है। शिविर उपदेशात्मक नहीं, दो तरफा संवाद की शैली में होगा जिसमें सपरिवार शामिल हो सकेंगे।
यह शिविर स्वयं को समझने और अपने विचारों का परीक्षण करने की प्रक्रिया है। इसमें अपनी सोच, मान्यताओं और कृत्यों का अवलोकन करना सिखाया जाता है। यह स्पष्ट किया जाता है कि केवल भौतिक उन्नति ही सफलता नहीं है, बल्कि संबंधों और जिम्मेदारी को समझना भी आवश्यक है। शिविर तत्काल राहत नहीं देता, बल्कि मूल प्रश्नों के समाधान की दिशा में सोच विकसित करता है। स्वयं का जागरण ही निरंतर सुख और स्वतंत्रता का आधार बताया गया है।