पशुपालन विभाग के शासन सचिव की अध्यक्षता में विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित —विभाग में भ्रष्टाचार कतई बरदाश्त नहीं किया जाएगा लेकिन मुख्य मंत्री राहत में अन्याय -- कैलाश चंद्र कौशिक
जयपुर ! हाल ही 18 फरवरी, 2026 को शासन सचिव पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं गोपालन डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को शासन सचिवालय में विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में पशुपालन निदेशक तथा आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेश मीना, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रवीण सेन, डॉ. विकास शर्मा, डॉ. ओमप्रकाश बुनकर, डॉ. लक्ष्मण राव तथा डॉ. हेमंत पंत सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। संभागों से अतिरिक्त निदेशक, जिलों से संयुक्त निदेशक सहित अन्य पशु चिकित्साधिकारी बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, बजट उपयोग, लंबित प्रकरणों के निस्तारण तथा फील्ड स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए शासन सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत के मार्गदर्शन में सरकार पशुपालकों और पशुओं के कल्याण के लिए सतत क्रियाशील है। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र पशुपालकों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता पशुपालकों की आय में वृद्धि, पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
बैठक में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, मोबाइल वेटरनरी यूनिट, सेक्स सॉर्टेड सीमन तथा अन्य प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए शासन सचिव ने प्रगति की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा फील्ड विजिट के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आकलन सुनिश्चित किया जाए।
शासन सचिव ने राज्य सरकार की बजट घोषणा के अंतर्गत सेक्स सॉर्टेड सीमन की प्रगति की जिलेवार समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना तथा सेक्स सॉर्टेड समीन योजना दोनों बजट घोषणा के कार्य हैं और मुख्यमंत्री विषेष रूप से इन पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कुछ जिलों की अत्यंत धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए योजना के प्रभावी पर्यवेक्षण पर बल दिया जिससे सेक्स सॉटेड सीमन का शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित हो। उन्होंने कार्य में गति लाने के लिए संस्थावार और तकनीकी कार्मिकवार लक्ष्य निर्धारित कर नियमित समीक्षा करने पर जोर देते हुए कमजोर प्रगति वाली संस्थाओं और कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश प्रदान किए। उन्होंने अच्छा काम करने वाले जिलों की प्रशंसा भी की।
उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और विभाग के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार मोबाइल वेटरनरी यूनिट के प्रभावी और सुचारू संचालन के प्रति बहुत गंभीर है। मोबाइल वेटरनरी यूनिट के संचालन से पशुपालकों और पशुओं को खासकर सुदूर क्षेत्रों में स्थित पशुपालकों को बहुत ही लाभ हुआ है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष में 7 लाख 71 हजार 892 पशुपालकों ने 30 लाख 96 हजार से अधिक पशुओं का इलाज मोबाइल वेटरनरी यूनिट से कराया है इसके अलावा लगभग 95 हजार पशुपालकों ने चैटबॉट के माध्यम से अपने पशुओं की बीमारी का उपचार लिया।
उन्होंने कहा कि एफएमडी टीकाकरण में विभाग का काम शानदार रहा है। इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण पहले कभी नहीं हुआ। चार जिलों ने अब तक एफएमडी टीकाकरण का शतप्रतिशत इंद्राज भी पोर्टल पर कर दिया है। शासन सचिव ने इसके लिए अधिकारियों की सराहना की और उन्हें बधाई देते हुए शेष जिलों को भी 23 फरवरी तक शतप्रतिशत इंद्राज पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की प्रगति के बारे में बताते हुए अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में अब तक 4 लाख 63 हजार पशुपालकों के 10 लाख 32 हजार पशुओं का पंजीकरण कराया जा चुका है जिनमें से 2 लाख 76 हजार पशुपालकों के 5 लाख 53 हजार पशुओं के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं साथ ही 2 लाख 39 हजार पशुपालकों के 5 लाख 21 हजार पशुओं की बीमा पॉलिसी जारी हो चुकी है। शासन सचिव ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सख्ती और समन्वय के बीच तालमेल बिठाते हुए हमें 31 मार्च तक 21 लाख पशुओं के बीमा का लक्ष्य पूरा करना है।
विभाग के निदेशक डॉ.सुरेश मीना ने अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिलाधिकारियों से जिले में उपलब्ध सभी मानव संसाधनों का समुचित उपयोग करने का आग्रह करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और लगन से प्रयास करने पर जोर दिया।
शासन सचिव ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार कतई बरदाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने हाल ही एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा की गई ट्रैप कार्यवाही में पेंडिंग बिल पास करने के लिए रिश्वत की राशि लेने वाले नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत दो पशु चिकित्सकों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर कहीं से भी इस तरह की कोई शिकायत आती है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। लेकिन सवाई माधोपुर, संयुक्त निदेशक पशु पालन विभाग में जान बूझ कर प्रकरणों को क्यों हेरफेर करने कराने के लिए पेंडिंग किया गया है ?? उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी इसकी मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई जगह से सरकारी दवाओं के दुरूपयोग की शिकायतें मिल रही हैं उसकी जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं।