सेवा, संघर्ष और सफलता का प्रतीक जिनेश कुमार जैन* --
By Gopal Gupta ·
23 Dec 2025 ·
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*सेवा, संघर्ष और सफलता का प्रतीक जिनेश कुमार जैन* -- कैलाश चंद्र कौशिक
जयपुर!
आसलपुर, जिला जयपुर, राजस्थान छोटे से गाँव आसलपुर की पावन मिट्टी में जन्मे श्री जिनेश कुमार जैन ने अपनी शिक्षा एवं जीवन यात्रा की शुरुआत भी इसी गाँव से की। सीमित संसाधनों के बावजूद, पारिवारिक संस्कार, बड़ों का आशीर्वाद और अथक परिश्रम को आधार बनाकर आपने निरंतर प्रगति की दिशा में अपने कदम बढ़ाए।
अपने जीवन के प्रत्येक पड़ाव पर आपने परिवार को साथ रखते हुए ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा-भाव को सर्वोच्च स्थान दिया। यही कारण है कि आज आप जहाँ भी जाते हैं, वहाँ सम्मान, विश्वास और प्रेरणा का प्रतीक बन जाते हैं। छोटे से गाँव से निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित होना आपकी असाधारण कर्मठता और दृढ़ संकल्प का सजीव प्रमाण है।
आपकी ईमानदारी और निष्कलंक छवि के चर्चे समाज में दूर-दूर तक हैं। लोग आपके नाम को विश्वास और भरोसे की मिसाल मानते हैं। समाज, संगठन और राष्ट्र के प्रति आपकी निष्ठा ने आपको एक विशिष्ट पहचान प्रदान की है।
दिल्ली में पार्लियामेंट अवार्ड के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित होना केवल आपकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि आपके गाँव आसलपुर के लिए भी गौरव का क्षण है। आपने यह सिद्ध कर दिया कि यदि नींव सुदृढ़ हो, तो सफलता की पहली सीढ़ी चाहे गाँव से ही क्यों न शुरू हो मंज़िलें स्वयं रास्ता बना लेती हैं।
आपकी ईमानदार कार्यशैली और उत्कृष्ट योगदान के कारण आपने पूर्व में भी राजस्थान का नाम 32 देशों में गौरवान्वित किया। इसी विशिष्ट सेवा और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों के लिए भजनलाल शर्मा सरकार द्वारा आपको 26 जनवरी 2025, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर चौगान स्टेडियम, जयपुर में राजकीय सम्मान से अलंकृत किया गया—जो आपके सेवा-भाव और राष्ट्रनिष्ठा की आधिकारिक स्वीकृति है।
आप न केवल अपने परिवार, समाज और राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
आसलपुर से संसद तक की यह यात्रा संकल्प, संस्कार और सेवा की अमर प्रेरक गाथा है।
इन सभी सम्मानों का श्रेय श्री जिनेश कुमार जैन जी सर्वप्रथम अपने माता-पिता, पत्नी, परिवार एवं समाज को देते हैं। साथ ही वे विनम्रता से कहते हैं कि यह सब गुरुजनों, मातृशक्ति, बहनों तथा असंख्य स्नेहिल शुभचिंतकों की दुआओं और आशीर्वाद का ही प्रतिफल है।