जैसलमेर में पत्रकारों का महा प्रदर्शन, कलेक्टर पी .एस .नाथावत के खिलाफ सड़क पर उतरे प्रदेश भर के पत्रकार****
By Goapl Gupta ·
21 Mar 2026 ·
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*जैसलमेर में पत्रकारों का महा प्रदर्शन, कलेक्टर पी .एस .नाथावत के खिलाफ सड़क पर उतरे प्रदेश भर के पत्रकार****
जैसलमेर में पत्रकारों का महा प्रदर्शन आज 20 3.2026 को हुआ। इसमें कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत के खिलाफ सड़क पर उतरें।
प्रदेश भर के पत्रकार कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत की बर्खास्तगी की उठाई मांग। आई एफ डब्ल्यू जे के आवाह्न पर सैकड़ो पत्रकारों की रैली निकाली गई। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर कथित प्रशासनिक हमले के विरोध में शुक्रवार को जैसलमेर में प्रदेश भर के पत्रकारों का यह अभूतपूर्व आक्रोश देखने को मिला।
जैसलमेर कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत के खिलाफ सैकड़ो पत्रकार सड़कों पर उतर आए, और जोरदार नारेबाजी करते हुए उनके तत्काल निलंबन की मांग की।
देश के सबसे पुराने पत्रकार संगठन आई एफ डब्ल्यू जे के आवाहन पर आयोजित किस प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन में राजस्थान के विभिन्न जिलों से पत्रकार जैसलमेर पहुंचे ।
रैली हनुमान सर्किल स्थित गांधी दर्शन से शुरू हुई। विशाल रैली पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंची । जहां प्रदर्शन कारियों ने कलेक्टर के खिलाफ बड़ा रोष जताते हुए कहा कि वर्तमान में राजकाज द्वारा पत्रकारों के रोजगार पर हमला और कलम दबाने की साजिश से शूरूआत की जाती है। धरना स्थल पर संबोधित करते हुए आई एफ डब्ल्यू जे के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ पर आरोप लगाया कि कलेक्टर द्वारा उनके स्वाद रेस्टोरेंट पर की गई कार्यवाही , पूरी तरह से द्धैष पूर्ण है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की आवाज दबाने के लिए उनके रोजगार को निशाना बनाया जा रहा है और झूठे मुकदमों के जरिए डराने धमकाने की कोशिश की जा रही है जिसे संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
कोर्ट में लड़ाई और सड़क पर भी संघर्ष जारी रहेगा।
संगठन के प्रदेश महासचिव मनवीर सिंह चुंडावत ने चेतावनी दी,, कि पत्रकार डरने वाले नहीं है ।
उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा, लेकिन साथ ही सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा ,जरूरत पड़ी तो जयपुर में मुख्यमंत्री का घेराव भी किया जाएगा ।22 साल में नहीं दिखी ,प्रशासन को गड़बड़ी लगी तो अब कार्यवाही क्यों।
यह विशेष जैसलमेर की नौकरशाही का मनमानी का रवैया है।
प्रदेश सचिव एवं जोधपुर संभाग प्रभारी विक्रम सिंह करणोत ने सवाल उठाते हुए कहा कि "स्वाद रेस्टोरेंट "" वर्ष 2004 से संचालित हो रहा था ।और पिछले 22 वर्षों में किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को इसमें कोई खामी नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि यदि लीज शर्तों का उल्लंघन था तो नोटिस या जुर्माना लगाया जा सकता था ।
लेकिन सीधे लीज करने और फिर भवन को तोड़ने की कार्यवाही ??? कई सवाल खड़े करती है । धरना प्रदर्शन में विभिन्न जिलों के पदाधिकारी ने एक स्वर में कलेक्टर की बर्खास्तगी की मांग की ।
वक्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं है बल्कि पूरी पत्रकारिता की स्वतंत्रता का है ।
हनुमान चालीसा पाठ और फिर सोंपा गया ज्ञापन । धरना समाप्ति के बाद सैकड़ो पत्रकारों ने तख्क्तियां लेकर रैली निकाली और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे वहां
हनुमान चालीसा का पाठ कर ,विरोध जताया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
*बड़े सवाल*
क्या प्रशासनिक कार्यवाही की आड़ में पत्रकारों को टारगेट किया जा रहा है ।
22 वर्षों तक वैध मानी गई ,लीज पर अचानक सख्ती क्यों?
क्या यह मामला लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
जैसलमेर का यह विरोध प्रदर्शन अब प्रदेश व्यापी आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। यदि राज्य सरकार ने जैसलमेर कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत को तुरंत प्रभाव से निलंबित नहीं किया तो यह आंदोलन प्रदेश भर में होना तय है । इस अवसर पर जैसलमेर सहित राजस्थान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ो की संख्या में पत्रकारों ने अपना प्रतिनिधित्व दर्शाया।
रिपोर्टर *जनतंत्र की आवाज* राजस्थान
शिंभू