मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय कैंपस में ऑफलाइन स्टूडेंट हेल्प डेस्क पुनः बहाल हेतु कुलगुरु को ज्ञापन
By Goapl Gupta ·
30 May 2026 ·
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मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय कैंपस में ऑफलाइन स्टूडेंट हेल्प डेस्क पुनः बहाल हेतु कुलगुरु को ज्ञापन
उदयपुर | दिनांक 30 मई 2026 | विगत कई महीनो से मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय कैंपस में "स्टूडेंट हेल्प लाइन" सुचारु रूप से कार्य नहीं कर रही है एवं यहाँ अध्द्ययन रथ लगभग 1.75 लाख विद्यार्थी जिनमे मुख्य तह आदिवासी क्षेत्र से है ,जो की इंटरनेट कनेक्टिविटी एवं डिजिटल जानकारी के अभाव में ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग सही तरीके से नहीं कर पाते है। ऐसे में उन्हें ई-मित्र केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक व्यय वहन करना पड़ता है ।
विद्यार्थियो के हित को देखते हुए कंस्यूमर प्रोटेक्शन आर्गेनाईजेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ राजश्री गाँधी, राष्ट्रीय समन्वयक शिरीष नाथ माथुर ,प्रदेश अध्यक्ष हेमंत झा एवं जिला अध्यक्ष प्रवीण नाहर के निर्देशन में कुलगुरु डॉ कैलाश डागा को गजेंद्र सिंह भाटी (पूर्व छात्रसंग सदस्य,मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय,उदयपुर ) युवा प्रदेश अध्यक्ष, कंस्यूमर प्रोटेक्शन आर्गेनाईजेशन, द्वारा अनुरोध पत्र दे कर इस सुविधा को पुनः बहाल कर सुचारु रूप से शुरू करने हेतु अवगत कार्य एवं आग्रह किया गया |
विशेषज्ञों और छात्रों के अनुसार ऑफलाइन हेल्प डेस्क केवल सुविधा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों एवं अभिवावको के लिए आवश्यक एवं महत्वपूर्ण व्यवस्था है।
प्रावधान -
राष्ट्रीय समन्वयक शिरीष नाथ माथुर ने जानकारी देते हुए बताया की "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020" के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में समावेशी और सुलभ व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। वहीं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विश्वविद्यालय में स्टूडेंट सर्विसेज सेंटर (SSC) के माध्यम से “इन-पर्सन” सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है।
इसके साथ ही वर्ष 2023 के छात्र शिकायत निवारण नियमों में स्टूडेंट्स ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी (SGRC) के तहत ऑफलाइन शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था भी अनिवार्य की गई थी | NEP 2020 के सेक्शन 14 में सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों हेतु ऑन-कैंपस सहायता केंद्रों को आवश्यक बताया गया है।
कुलगुरु डॉ कैलाश डागा ने विद्यार्थियों के लिए "स्टूडेंट हेल्प डेस्क" को पुनः बहाल हेतु आश्वासन दिया और कहा वे प्रशाशनिक स्तर द्वारा प्रयास कर आने वाले दिनों मैं विद्यार्थियो के हित को देखते हुए जल्द से जल्द ये सुविद्या पुनः विश्वविद्यालय की और से बहाल की जाये |