बी.जे.ए.यू. (BJAU) यूनिवर्सिटी के सामने अवैध कमर्शियल निर्माण पर उठे सवाल, जेडीए की भूमिका संदेह के घेरे में
By Goapl Gupta ·
07 Jun 2026 ·
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बी.जे.ए.यू. (BJAU) यूनिवर्सिटी के सामने अवैध कमर्शियल निर्माण पर उठे सवाल, जेडीए की भूमिका संदेह के घेरे में
जयपुर। राजधानी जयपुर में बी.जे.ए.यू. (BJAU) यूनिवर्सिटी के सामने कथित रूप से बड़े पैमाने पर अवैध कमर्शियल निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों के बेसमेंट सहित व्यावसायिक भवन का निर्माण कर लिया गया है तथा वहां कमर्शियल गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से मिलीभगत की आशंकाएं गहरा रही हैं।
आरोप है कि निर्माणकर्ता ने भवन उपविधियों, भूमि उपयोग नियमों तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए बेसमेंट सहित बहुमंजिला व्यावसायिक निर्माण खड़ा कर दिया। यदि भूमि का उपयोग स्वीकृत आवासीय श्रेणी में है और वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं तो यह जेडीए नियमों, मास्टर प्लान प्रावधानों तथा नगर नियोजन मानकों का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है। हाल ही में जयपुर में आवासीय भूमि पर अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर न्यायालयों द्वारा भी सख्त रुख अपनाया गया है। �
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विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में राजस्थान नगर सुधार अधिनियम, 1959, जेडीए अधिनियम, 1982, भवन उपविधियों के उल्लंघन, बिना स्वीकृति निर्माण, भूमि उपयोग परिवर्तन के नियमों की अवहेलना तथा सार्वजनिक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन जैसी धाराएं लागू हो सकती हैं। यदि अधिकारियों की जानकारी के बावजूद निर्माण जारी रहा हो तो जवाबदेही का प्रश्न भी खड़ा होता है।
स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री, यूडीएच मंत्री, मुख्य सचिव, जेडीए आयुक्त तथा भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों से मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और निर्माणकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि राजधानी में विश्वविद्यालय के सामने ही खुलेआम अवैध कमर्शियल निर्माण होता रहे और कार्रवाई न हो तो कानून के शासन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं।