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वरकत नगर मैं अवैध निर्माण का खेल! 1053 किसान मार्ग वरकत नगर जीरो सेटबैक छोड़े बेसमेंट सहित निर्माण,

By Goapl Gupta · 21 Jun 2026 · 5 views
वरकत नगर मैं अवैध निर्माण का खेल! 1053 किसान मार्ग वरकत नगर जीरो सेटबैक छोड़े बेसमेंट सहित निर्माण,



जयपुर। राजधानी जयपुर में अवैध निर्माण के मामलों पर कार्रवाई के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। ताजा मामला 1053 किसान मार्ग वरकत नगर जयपुर का मामला सामने आया है, जहां बिना जीरो सेटबैक छोड़े बेसमेंट सहित निर्माण कार्य किए जाने के आरोप लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित भवन पर लंबे समय से निर्माण कार्य जारी है, जबकि नगर निगम से वैध स्वीकृति नहीं ली गई। आरोप है कि निर्माणकर्ता नियमों की अनदेखी करते हुए मनमर्जी से बेसमेंट और भवन निर्माण कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान नगर निगम अधिनियम 2009 एवं भवन उपविधियों के तहत बिना स्वीकृति निर्माण करना नियम विरुद्ध माना जाता है। वहीं बेसमेंट निर्माण के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों, पार्किंग प्रावधानों और सेटबैक नियमों का पालन अनिवार्य होता है। बिना अनुमति बेसमेंट निर्माण पाए जाने पर निगम प्रशासन को नोटिस, सीजिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का अधिकार है।
इन धाराओं के उल्लंघन के आरोप
राजस्थान नगर निगम अधिनियम 2009 की धारा 194 — बिना स्वीकृति भवन निर्माण
धारा 245 — अवैध निर्माण हटाने एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
भवन उपविधि नियम — जीरो सेटबैक और बेसमेंट निर्माण मानकों का उल्लंघन
अग्नि सुरक्षा एवं पार्किंग मानकों की अनदेखी
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर निर्माण संभव नहीं है। निर्माण कार्य पर कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करेगा? क्या अवैध निर्माण को सीज कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी या फिर मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा?
स्थानीय लोगों की मांग
निर्माण कार्य की तत्काल जांच हो
स्वीकृति दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो
अवैध निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए
बेसमेंट निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए
अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच हो
संभावित कार्रवाई
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि निर्माण बिना स्वीकृति पाया जाता है तो नगर निगम द्वारा नोटिस जारी कर निर्माण सीज करने, ध्वस्तीकरण, जुर्माना और संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है

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