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20 दुकान क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण पर उठे सवाल, निगम की कार्यशैली पर स्थानीय लोगों ने जताई नाराज़गी

By Goapl Gupta · 29 Jun 2026 · 6 views
20 दुकान क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण पर उठे सवाल, निगम की कार्यशैली पर स्थानीय लोगों ने जताई नाराज़गी
जयपुर। 20 दुकान क्षेत्र में प्लॉट नंबर 338, सेवा सदन के सामने स्थित कॉर्नर प्लॉट पर बिना स्वीकृत मानचित्र के कथित रूप से निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य लंबे समय से जारी है, लेकिन नगर निगम के आदर्श नगर जोन की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य बिना विधिवत भवन स्वीकृति (Building Plan Approval) और आवश्यक अनुमति के किया जा रहा है, तो यह राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009, संबंधित भवन उपविधियों (Building Bye-Laws) तथा नगर नियोजन एवं विकास संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है। ऐसे मामलों में सक्षम प्राधिकारी को निर्माण रोकने, नोटिस जारी करने तथा आवश्यकतानुसार ध्वस्तीकरण और दंडात्मक कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है।
रहवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद निर्माण कार्य जारी है, जिससे यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। लोगों ने मांग की है कि निगम अधिकारी तत्काल मौके का निरीक्षण कर यह स्पष्ट करें कि संबंधित निर्माण के लिए वैध स्वीकृति और आवश्यक अनुमतियां उपलब्ध हैं या नहीं।
कानूनी जानकारों के अनुसार यदि किसी भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत, बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन करते हुए किया जाता है, तो संबंधित प्राधिकरण द्वारा निर्माण कार्य रुकवाने, कारण बताओ नोटिस जारी करने, अवैध हिस्से को हटाने तथा नियमानुसार जुर्माना या अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अनियोजित और कथित अवैध निर्माण भविष्य में यातायात व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, पार्किंग, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं तथा शहरी नियोजन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
नागरिकों ने यह भी मांग की है कि नगर निगम पारदर्शिता बनाए रखते हुए सार्वजनिक रूप से यह जानकारी उपलब्ध कराए कि संबंधित प्लॉट पर निर्माण के लिए स्वीकृत मानचित्र, अनुमति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज जारी किए गए हैं या नहीं, ताकि विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सके

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