रूडसेट संस्थान सुवाणा में आचार्य देवेंद्र डाणी ने दिए प्रभावशाली पब्लिक स्पीकिंग के गुर*
By Goapl Gupta ·
02 Jul 2026 ·
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*रूडसेट संस्थान सुवाणा में आचार्य देवेंद्र डाणी ने दिए प्रभावशाली पब्लिक स्पीकिंग के गुर*
*मात्र 45 मिनट की दैनिक प्रैक्टिस से बन सकते हैं प्रभावशाली वक्ता : आचार्य देवेंद्र डाणी*
भीलवाड़ा, 2 जुलाई। ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी युवाओं को कौशल विकास एवं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्यरत रूडसेट संस्थान (RUDSETI), सुवाणा में गुरुवार को एक विशेष पब्लिक स्पीकिंग एवं व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर *प्रख्यात लाइफ कोच, मोटिवेशनल स्पीकर, न्यूरोलॉजिस्ट एवं पब्लिक स्पीकिंग ट्रेनर आचार्य देवेंद्र डाणी* ने उपस्थित *प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षकों को प्रभावशाली वक्तृत्व कला के महत्वपूर्ण सिद्धांतों एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी* प्रदान की।
पंचायत समिति के पीछे, हेलार रोड स्थित रूडसेट संस्थान में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में *आचार्य देवेंद्र डाणी* ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल ज्ञान होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस ज्ञान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना भी सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने बताया कि प्रभावी संवाद एवं पब्लिक स्पीकिंग में बॉडी लैंग्वेज का योगदान लगभग 55 प्रतिशत, वॉइस मॉड्यूलेशन का 38 प्रतिशत तथा कंटेंट का मात्र 7 प्रतिशत होता है।
आचार्य डाणी ने कहा कि अधिकांश लोग यह समझते हैं कि अच्छा वक्ता बनने के लिए केवल अच्छा कंटेंट आवश्यक है, जबकि वास्तविकता यह है कि श्रोताओं पर सबसे अधिक प्रभाव वक्ता के व्यक्तित्व, उसकी शारीरिक अभिव्यक्ति, चेहरे के हाव-भाव, नेत्र संपर्क, मंच पर आत्मविश्वास और आवाज के प्रभावी उतार-चढ़ाव से पड़ता है।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि एक सफल पब्लिक स्पीकर बनने के लिए नियमित अभ्यास, सकारात्मक मानसिकता, प्रभावी प्रस्तुतीकरण शैली तथा श्रोताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन मात्र 45 मिनट का सुनियोजित अभ्यास करता है, तो वह कुछ ही समय में एक आत्मविश्वासपूर्ण एवं प्रभावशाली वक्ता बन सकता है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान *आचार्य देवेंद्र डाणी* ने मंच भय (स्टेज फियर) को दूर करने की तकनीक, प्रभावशाली शुरुआत करने के तरीके, कहानी कहने की कला (स्टोरीटेलिंग), वॉइस कंट्रोल, पॉज के उपयोग, ऑडियंस एंगेजमेंट, प्रभावशाली समापन तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़े अनेक व्यावहारिक सूत्रों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को यह भी बताया कि पब्लिक स्पीकिंग केवल भाषण देने की कला नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास, व्यवसायिक सफलता और सामाजिक प्रभाव स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षकों ने *आचार्य देवेंद्र डाणी* से संवाद करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान प्रस्तुत किया। प्रशिक्षणार्थियों ने इस सत्र को अत्यंत प्रेरणादायक, उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
इस अवसर पर संस्थान के अनिरुद्ध जी सहित संस्थान के अन्य प्रशिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। अंत में संस्थान परिवार द्वारा *आचार्य देवेंद्र डाणी* का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रेरणादायक एवं प्रभावशाली प्रशिक्षण की सराहना की गई।