राज-काज’ प्रणाली के माध्यम से ई-फाइलिंग से आएगी पारदर्शिता और गति : प्रो. निमित चौधरी*
By Goapl Gupta ·
30 Dec 2025 ·
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*राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में ‘राज-काज’ प्रणाली लागू, ई-फाइलिंग लागू करने वाला आरटीयू बना प्रदेश का प्रथम विश्वविद्यालय*
*‘राज-काज’ प्रणाली के माध्यम से ई-फाइलिंग से आएगी पारदर्शिता और गति : प्रो. निमित चौधरी*
कोटा, 30 दिसंबर राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण नवाचार के साथ ई गवर्नेंस की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ‘राज-काज’ (Raj-Kaj) ई-file प्रणाली को लागू कर दिया है। आरटीयू के सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस गुड गवर्नेंस की पहल के साथ आरटीयू राजस्थान का पहला विश्वविद्यालय बन गया है, जहाँ फाइलों के निस्तारण हेतु राज-काज प्रणाली को लागू किया गया है। इसके लागू होने के साथ विश्वविद्यालय में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा समयबद्ध कार्य निष्पादन में बढ़ोतरी होगी।
प्रशासनिक सुधार की संकल्पना के साथ विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी एवं कुलसचिव श्रीमती भावना शर्मा के कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।राज-काज प्रणाली को लागू करने में दोनों अधिकारियों द्वारा निरंतर प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप यह व्यवस्था अब विश्वविद्यालय में प्रभावी रूप से प्रारंभ हो चुकी है। इस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए डीओआईटी, कोटा के अधिकारियों श्री महेन्द्र पाल एवं श्री धीरज द्वारा विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारियों, शिक्षकों एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। प्रशिक्षण के दौरान ई-फाइलिंग, फाइल मूवमेंट, समय-सीमा एवं ऑनलाइन अनुमोदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई है।
कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सुगम सहभागिता, पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में ‘राज-काज’ प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह प्रणाली प्रशासनिक एवं शैक्षणिक निर्णय-प्रक्रिया से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ‘राज-काज’ प्रणाली के लागू विश्वविद्यालय में उत्तरदायित्व, संवाद और सहयोग की संस्कृति को मजबूती प्राप्त होगी और
प्रशासनिक कार्यों में खर्च होने वाले अनावश्यक समय से मुक्ति मिलेगी।इस नवाचार से विश्वविद्यालय कर्मचारियों में आत्मविश्वास की भावना भी विकसित होगी।विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी से इस नई प्रणाली में सक्रिय, सकारात्मक एवं जिम्मेदार सहभागिता निभाने का आह्वान किया है, ताकि यह पहल सफल हो और कार्य संस्कृति को और अधिक प्रभावशाली हो सके।
गौरतलब है कि तकनीकी शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा भी समस्त तकनीकी संस्थानों को 100% ई-फाइलिंग प्रणाली लागू करने तथा फाइलों का निस्तारण 10 घंटे से कम समय में करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। आरटीयू द्वारा राज-काज प्रणाली को अपनाना इन निर्देशों की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है। राज-काज प्रणाली के लागू होने से न केवल कागजरहित कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि फाइलों के अनावश्यक विलंब, पारंपरिक प्रक्रियाओं और मानवीय त्रुटियों में भी कमी आएगी। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों एवं अधिकारियों में इस नई व्यवस्था को लेकर सकारात्मक उत्साह देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में आरटीयू को सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक आदर्श संस्थान के रूप में स्थापित करेगी।