राजकीय किशोर सम्प्रेक्षण गृह, पालना गृह, शिशु गृह एवं किशोर गृह का निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार एवं बच्चों के पुनर्वास हेतु दिए आवश्यक निर्देश
By Goapl Gupta ·
07 Jul 2026 ·
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राजकीय किशोर सम्प्रेक्षण गृह, पालना गृह, शिशु गृह एवं किशोर गृह का निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार एवं बच्चों के पुनर्वास हेतु दिए आवश्यक निर्देश
अलवर, दिनांक 07 जुलाई 2026।
माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा माननीय श्री अनन्त भण्डारी, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश), अलवर के निर्देशानुसार श्री मोहनलाल सोनी, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश), अलवर द्वारा प्रशिक्षु विधि विद्यार्थी सुश्री साक्षी चौधरी के साथ राजकीय किशोर सम्प्रेक्षण गृह, पालना गृह, शिशु गृह एवं राजकीय किशोर गृह, अलवर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान राजकीय किशोर सम्प्रेक्षण गृह में कुल 29 विधि से संघर्षरत किशोर आवासित पाए गए, जिनमें 16 अलवर, 10 खैरथल-तिजारा तथा 3 कोटपूतली-बहरोड़ न्यायक्षेत्र के थे। सचिव महोदय द्वारा आवासीय कक्षों, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। साथ ही छह माह से अधिक समय से निरुद्ध किशोरों के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पालना गृह के निरीक्षण के दौरान स्वच्छता संबंधी कुछ कमियाँ पाए जाने पर उन्हें तत्काल दूर कराने तथा अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। शिशु गृह में आवासित बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के उपचार की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र बच्चों के दत्तक ग्रहण तथा विधिक रूप से दत्तक ग्रहण हेतु स्वतंत्र घोषित किए जाने की समस्त कार्यवाही समयबद्ध एवं नियमानुसार पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
राजकीय किशोर गृह के निरीक्षण के दौरान पुनर्वास योग्य बच्चों के प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान एक बालक के स्थानांतरण, एक विशेष आवश्यकता वाले बालक को उपयुक्त गृह में पुनर्वासित कराने तथा चार पुनर्वास योग्य बच्चों के शीघ्र पुनर्वास हेतु संबंधित बाल कल्याण समिति, अलवर को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान किए गए।
श्री मोहनलाल सोनी ने निरीक्षण के दौरान कहा कि बालकों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा, उनके सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में पालन-पोषण तथा समयबद्ध पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संस्थानों में उपलब्ध सभी सुविधाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा प्रत्येक बालक के अधिकारों एवं कल्याण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य किया जाए।
निरीक्षण के दौरान श्रीमती श्वेता अग्रवाल, प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड, श्रीमती रेणु गुप्ता, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, श्री संजय वर्मा, अधीक्षक तथा संस्थान के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।