राजस्थान के 1171 विद्यालयों में नशा मुक्ति पर विधिक जागरूकता अभियान, लगभग 1.94 लाख विद्यार्थी होंगे लाभान्वित
By Goapl Gupta ·
08 Jul 2026 ·
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राजस्थान के 1171 विद्यालयों में नशा मुक्ति पर विधिक जागरूकता अभियान, लगभग 1.94 लाख विद्यार्थी होंगे लाभान्वित
जयपुर, 7 जुलाई 2026।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) द्वारा "Transformative Tuesday" अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में नशा मुक्ति विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अभियान के तहत 7 एवं 21 जुलाई 2026 को राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से विद्यालयों में विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे।
राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा के निर्देशन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, कानूनी प्रावधानों तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक बनाना है।
इस बार अभियान की थीम "नशे को कहें ना, अपने सपनों को कहें हाँ" तथा "नशा कोई स्टाइल नहीं: अपने मन, शरीर एवं भविष्य की रक्षा करें" निर्धारित की गई है।
प्राधिकरण के अनुसार इस राज्यव्यापी अभियान में राजस्थान के लगभग 1171 विद्यालयों को शामिल किया गया है, जिससे करीब 1,93,985 विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलने की संभावना है। कार्यक्रम में लगभग 1081 न्यायिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो विद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ संवाद कर नशे के दुष्प्रभाव, कानूनी जानकारी एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर मार्गदर्शन देंगे।
जागरूकता कार्यक्रमों में DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation for a Drug-Free India Scheme-2025) तथा एनडीपीएस एक्ट, 1985 के प्रमुख प्रावधानों की भी जानकारी दी जाएगी, ताकि विद्यार्थी कानून के प्रति जागरूक होकर नशे से दूर रहने का संकल्प ले सकें।
प्राधिकरण ने इस विषय पर विशेष ई-सामग्री भी तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को उपलब्ध कराई है। इसके साथ ही डिजिटल सामग्री विद्यालयों के माध्यम से अभिभावकों तक भी पहुंचाई जाएगी, जिससे समाज में नशा मुक्ति के प्रति व्यापक जन-जागरूकता विकसित हो सके।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का मानना है कि यह अभियान विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति संवेदनशील बनाते हुए स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त राजस्थान के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।