जिला पशु पालन अधिकारी (DDO)सवाई माधोपुर के बालेर एजेंट और संस्थापन की वेतन भुगतान हेराफेरी
By Goapl Gupta ·
10 Jul 2026 ·
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जिला पशु पालन अधिकारी (DDO)सवाई माधोपुर के बालेर एजेंट और संस्थापन की वेतन भुगतान हेराफेरी -- कैलाश चंद्र कौशिक जयपुर। पशु चिकित्सालय, बालेर में बिना रुपये खाये हाजिरी नहीं होती थी ? हाँ, आप अगर अनुसूचित जाति और जनजातियों में आते हैं तो सभी काम आसान हैं। आप देखिये 33 वर्ष पूर्व की रसीदें, जब मात्र 3 कर्मचारीगण थे तो प्रभारी वरिष्ठ कर्मी मदन मोहन वी.ए. वेतन भुगतान के नाम पर पहले हस्ताक्षर करने के बाद कम रकम पकड़ा दिया करता था। और शेष मांगने पर आगामी वेतन नहीं बनाने की और भुगतान पत्र पर हस्ताक्षर बता कर, हाजिरी नहीं कराने और नौकरी से हटबाने की धमकी ही नहीं क्लिर्क करतार सिंह और जिला अधिकारी का शेयर बता कर मनमानी करके चौथ वसूली करता रहा था अन्य कर्मी के जाति वर्ग कार्यवाही के भय से सभी कार्य किये जाते रहे और तो और फरवरी, 1993 का ड्यूटी छोड़ कर दिल्ली जाने पर भी पुरा वेतन दिया गया था? राजकीय कोष का इनके द्वारा दुरूपयोग और चौथ वसूली में किया, जिस पर वरिष्ठ पत्रकार भुक्त भोगी रहा है। पुरानी लिखाबट बतौर सबूत भृष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही में प्रयुक्त की जा सकेगी, जिसके लिए पशु पालन विभाग और राज्य सरकार होगी। स्वयम पुट्ठों के टुकड़ों पर आदेश देते हैं, अन्य के वृहद् पूर्ण कागज भी अंदेखे किये जाते हैं? जुलाई, 1993 पूर्ण माह वेतन भुगतान बाद सेवा समाप्ति,सेवा पुस्तिका में 1-7-1993 को काट कर ➖के उपर 0, अंकित कर 10- बनाया जाकर, 10-7-1993 सेवा प्रमाणित दर्शा कर वेतन भुगतान नहीं होना अनियमित कार्यवाही रिकॉर्डेड है, जिसे छुपा रखा है। विभागीय भृष्टाचारियों का दबदबा कायम है। माननीय मुख्यमंत्री जी की यही 0️⃣ जीरो टॉलरेंस यही है??