वंशिका प्रकरण को "प्रोपोगंडा" बताकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह राठौड़ ने दिवंगत बेटी और पीड़ित परिवार का अपमान किया: संयुक्त अभिभावक संघ*
By Goapl Gupta ·
13 Jul 2026 ·
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*वंशिका प्रकरण को "प्रोपोगंडा" बताकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह राठौड़ ने दिवंगत बेटी और पीड़ित परिवार का अपमान किया: संयुक्त अभिभावक संघ*
*— यदि प्रशासन पिछले एक माह से प्रभावी कार्रवाई कर रहा होता तो पीड़ित परिवार को भाजपा मुख्यालय पर धरना देने की नौबत नहीं आती: अभिषेक जैन बिट्टू*
जयपुर। वंशिका प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर गत शनिवार भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर पीड़ित परिजनों द्वारा दिए गए धरने को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह राठौड़ द्वारा मीडिया में "प्रोपोगंडा" बताए जाने पर संयुक्त अभिभावक संघ ने कड़ी आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि यदि कोई पीड़ित परिवार न्याय की मांग लेकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना देता है, तो उसे प्रोपोगंडा कहना न केवल पीड़ित परिवार बल्कि दिवंगत बेटी और पूरे समाज की भावनाओं का भी अपमान है।
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि यदि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किसी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में सक्षम नहीं हैं, तो कम से कम उनकी पीड़ा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में दिया गया ऐसा बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह राठौड़ को अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि वंशिका 5 जून को लापता हुई थी और 6 जून को उसका शव एक अपार्टमेंट से बरामद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना को एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवार स्वयं को संतोषजनक न्यायिक प्रगति से वंचित महसूस कर रहा है। उनका कहना है कि यदि पुलिस जांच प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रही होती, तो पीड़ित परिवार को भाजपा मुख्यालय के बाहर धरना देने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार की आवाज दबाने, उन्हें डराने-धमकाने तथा साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ जैसे गंभीर प्रश्न लगातार उठ रहे हैं, जिनका संतोषजनक जवाब अभी तक नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि भाजपा मुख्यालय पर दिया गया धरना पूरी तरह पूर्व घोषित, शांतिपूर्ण और संवैधानिक था। धरने की घोषणा दो दिन पूर्व आयोजित पत्रकार वार्ता में सार्वजनिक रूप से की गई थी। इसके बावजूद धरना स्थल पर पहुंचे लोगों को बिना पूर्व सूचना डिटेन किया गया तथा देर रात शांतिभंग के आरोप में *मुझे (अभिषेक जैन बिट्टू), अरविंद अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, विजेंद्र जैन* को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब धरना शांतिपूर्ण था और किसी प्रकार की तोड़फोड़, हिंसा अथवा अमर्यादित घटना नहीं हुई, तो गिरफ्तारियां किस आधार पर की गईं।
अभिषेक जैन बिट्टू ने आरोप लगाया कि देर रात पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया तथा उन्हें शहर के दूसरे छोर पर छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग करने वालों के साथ ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
संयुक्त अभिभावक संघ ने कहा कि प्रदेश में लगातार न्याय की मांग करने वाले लोगों के साथ दमनात्मक रवैया अपनाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। संघ का आरोप है कि एक ओर पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी मांगों को "प्रोपोगंडा" बताकर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है।
संघ ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह राठौड़ का बयान बेहद असंवेदनशील है तथा उन्हें अपने शब्दों पर पुनर्विचार करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही वंशिका प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।