गंगापुर सिटी की घटना ने पूरे प्रदेश को शर्मसार किया, छात्राओं को निर्वस्त्र कर तलाशी लेने वाली शिक्षिका को तत्काल बर्खास्त किया जाए – संयुक्त अभिभावक संघ*
By Goapl Gupta ·
16 Jul 2026 ·
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*गंगापुर सिटी की घटना ने पूरे प्रदेश को शर्मसार किया, छात्राओं को निर्वस्त्र कर तलाशी लेने वाली शिक्षिका को तत्काल बर्खास्त किया जाए – संयुक्त अभिभावक संघ*
जयपुर। संयुक्त अभिभावक संघ ने सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लिवाली में छात्राओं को कथित रूप से निर्वस्त्र कर तलाशी लेने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे मानवता, शिक्षा व्यवस्था और बाल अधिकारों पर गंभीर आघात बताया है।
संघ ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में छात्राओं की गरिमा, सम्मान और निजता के साथ इस प्रकार का अमानवीय व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता। महज 500 रुपये गुम होने के संदेह में छात्राओं को कमरे में बंद कर निर्वस्त्र कर तलाशी लेना अत्यंत निंदनीय, असंवैधानिक और दंडनीय कृत्य है। ऐसी घटना से न केवल छात्राओं के मन पर गहरा मानसिक आघात पहुंचा है, बल्कि अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास भी कमजोर हुआ है।
संयुक्त अभिभावक संघ ने मांग की है कि केवल निलंबन या कार्यमुक्त करने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। छात्राओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली दोषी शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संघ ने राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के लिए स्पष्ट और कठोर दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र या छात्रा के साथ इस प्रकार की अमानवीय और अपमानजनक घटना दोबारा न हो। साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थियों के अधिकार, गरिमा, बाल संरक्षण और संवेदनशील व्यवहार को लेकर नियमित निगरानी एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि "यह घटना केवल कुछ छात्राओं का अपमान नहीं है, बल्कि यह पूरे शिक्षा तंत्र, अभिभावक समाज, सरकार, प्रशासन और राजस्थान प्रदेश के सम्मान को शर्मसार करने वाली घटना है। विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षा, विश्वास और संस्कार का केंद्र होते हैं, भय और अपमान का नहीं। यदि विद्यालयों में ही बच्चों की गरिमा सुरक्षित नहीं रहेगी तो अभिभावक अपने बच्चों को किस विश्वास के साथ शिक्षा के लिए भेजेंगे? दोषियों के विरुद्ध केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि ऐसा कठोर उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी शिक्षक या संस्था विद्यार्थियों के सम्मान से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।"
संयुक्त अभिभावक संघ ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग एवं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग से इस प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेकर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई करने तथा पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग की है।