राज्यव्यापी आंदोलन के बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस हुए जारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं मे रोष।*
By Goapl Gupta ·
17 Jul 2026 ·
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*राज्यव्यापी आंदोलन के बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस हुए जारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं मे रोष।*
*स्थायी कर्मचारी का दर्जा, वेतन वृद्धि सहित 14 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन, नोटिस जारी होने पर उठे सवाल*
रिपोर्टर (शिंभू सिंह शेखावत) जनतंत्र की आवाज,राजस्थान
नीमकाथाना :- राजस्थान भर में चल रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका आंदोलन के तहत गुरुवार को नीमकाथाना मे सीटू के नेतृत्व मे संतोषी माता मंदिर परिसर में विशाल आमसभा आयोजित की गई। सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर सीडीपीओ कार्यालय एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के नाम 14 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
सभा को संबोधित करते हुए भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के जिला महामंत्री बृजसुंदर जांगिड़ ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं वर्षों से स्थायी कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम ₹26,000 मासिक वेतन, मानदेय वृद्धि और गैर-विभागीय कार्यों से मुक्ति जैसी न्यायोचित मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश से कुपोषण मिटाने और बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय वर्ष 2018 के बाद नहीं बढ़ाया गया है। राजस्थान में कार्यकर्ताओं को मात्र ₹10,000 तथा सहायिकाओं को लगभग ₹6,500 मानदेय मिल रहा है, जो देश में सबसे कम बताया जा रहा है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कर्मियों से अन्य विभागों के कार्य भी कराए जाते हैं। चार वर्ष पुराने मोबाइल फोन, अपर्याप्त रिचार्ज राशि तथा दूरदराज के क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण पोषण ट्रैकर एवं सेनेटरी नैपकिन वितरण जैसे कार्यों में व्यावहारिक कठिनाइयां आती हैं। उन्होंने सरकार से संगठन के साथ वार्ता शुरू कर मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
सभा को कंचन वर्मा, पिंकी देवी, उच्छव कंवर, सरिता, आशा, रघुवीर बारेठ, रतन सिंगल, विनय प्रकाश सैनी, विक्रम सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। साथ ही 27 जुलाई से सीकर जिला कलेक्ट्रेट पर प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरने को सफल बनाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
*ज्ञापन देने के बाद आए नोटिस*
प्रदर्शन के दौरान एक नया विवाद भी सामने आया। यूनियन का आरोप है कि जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं सीडीपीओ कार्यालय में ज्ञापन देने पहुंची थी जहां सीडीपीओ अपने कार्यालय में नहीं मिले और अन्य विभागीय कर्मियों को ज्ञापन सोपा गया, इस दौरान सीडीपीओ कार्यालय की ओर से गुहाला सेक्टर के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों पर कारण बताओं नोटिस जारी कर दिए गए।
बताया गया कि नोटिस कंचन वर्मा ,दुर्गा देवी,मंजू कादिया ,सुमन देवी,सरोज देवी मोहित कुमारी सैनी, उच्छव कवंर,सुनीता देवी,सुनीता शर्मा तथा अनिता सैनी सहित कई अन्यों को जारी किए गए। यूनियन का कहना है कि आंदोलन पूरे राजस्थान में सामूहिक रूप से चल रहा है ऐसे में केवल कुछ कर्मचारीयों को कारण बताओं नोटिस जारी किया जाना ,कई सवाल खड़े करता है संगठन नें इसे महिला कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कार्यवाही बताते हुए पूछा कि जब राज्य स्तर पर आंदोलन चल रहा है तो क्या कर्मचारियों को अपनी मांगों के समर्थन में लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञापन देने का अधिकार भी नहीं है ।
यूनियन ने सरकार से मांग की है कि नोटिस वापस लेकर आंदोलनरत आंगनवाड़ी कर्मियों के साथ सकारात्मक वार्ता की जाए तथा उनकी लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए।