दिल्ली उच्च न्यायालय ने मोबाइल पत्रकारिता ( सोशल मीडिया) पर नियम बनाने पर जरूरत बताई
By Goapl Gupta ·
18 Jul 2026 ·
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने मोबाइल पत्रकारिता ( सोशल मीडिया) पर नियम बनाने पर जरूरत बताई -- कैलाश चंद्र कौशिक जयपुर। दिल्ली , उच्च न्यायालय ने अब समय अनुसार,नियम बद्ध सभी पत्रकारों के कार्यों को किया जाना जरूरत बताया है। पत्रकारिता बदल चुकी है... और यह बदलाव हमेशा बुरा भी नहीं होता।
एक समय था जब पत्रकारिता कुछ चुनिंदा संस्थानों और व्यक्तियों के नियंत्रण में सीमित थी। आज सोशल मीडिया ने आम नागरिक के हाथ में भी अपनी बात रखने की ताकत दे दी है।
अब कोई भी व्यक्ति अपने आसपास हो रही सही या गलत घटनाओं पर अपनी राय रख सकता है, सवाल पूछ सकता है और अपनी आवाज़ लाखों लोगों तक पहुँचा सकता है।
लेकिन हर ताकत के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी आती है।
सिर्फ इसलिए कि कोई खबर वायरल है, इसका मतलब यह नहीं कि वह सत्य भी है। आज के दौर में हर व्यक्ति को एक जिम्मेदार पाठक और दर्शक बनना होगा। किसी भी खबर, वीडियो या पोस्ट पर भरोसा करने से पहले उसके स्रोत, तथ्य और प्रमाण की जांच करना जरूरी है।
लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण है तथ्यों के प्रति ईमानदारी।
और आखिर में...
जो होता है, अच्छे के लिए ही होता है।
शायद यही बदलाव हमें अधिक जागरूक, जिम्मेदार और तथ्यपरक समाज की ओर ले जाए।