*नीमकाथाना पाटन अंतर्गत स्यालोदड़ा में सिलिकोसिस बीमारी ने बुझाया, एक और घर का चिराग** **तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया**
By Goapl Gupta ·
24 Jul 2026 ·
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**नीमकाथाना पाटन अंतर्गत स्यालोदड़ा में सिलिकोसिस बीमारी ने बुझाया, एक और घर का चिराग**
**तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया**
रिपोर्टर :-(शिंभू सिंह शेखावत)जनतंत्र की आवाज, राजस्थान
पाटन इलाके के गांव स्यालोदड़ा में सिलिकोसिस बीमारी से एक परिवार को उजाड़ दिया कई महीनो से इस लाइलाज बीमारी से जूझ रहे मनोज कुमार ने कल शाम दम तोड़ दिया।
सरकारी सहायता और सिलिकोसिस प्रमाण पत्र की उम्मीद लगाए बैठे मनोज का आवेदन मेडिकल बोर्ड में लंबित ही रहा
मनोज कुमार की मौत से परिवार के तीन नाबालिक बच्चों के पिता का साया हट गया और दुखों का पहाड़ टूट गया।
पाटन तहसील के अंतर्गत भारी संख्या में वैध और अवैध क्रेशरों की संख्या में दिनों दिन बढ़ोतरी हो रही है, इसके कारण जल स्तर भी अत्यंत गहरा चला गया है जो की स्वस्थ पेयजल नहीं रहा अर्थात पीने योग्य पानी नहीं है।जिससे पर्यावरण संतुलन गड़बड़ा रहा है ।पेयजल किल्लत से जूझ रहे आम नागरिकों को सिलिकोसिस ग्रसित पानी ही नसीब होता है और भारी संख्या में क्रेशरों के कारण उड़ती हुई बारिक धूल के कारण नागरिकों के सांस द्वारा फेफड़ों में संक्रमण कर उन्हें इस बीमारी से पीड़ित बना दिए गए और यदि पर्यावरण संतुलन और अवैध क्रेशरों पर लगाम नहीं कसी गई तो भविष्य में यह घर-घर में गंभीर बीमारी का रूप ले लेगी।
पर्यावरण संतुलन यदि बनाना है तो भारी संख्या में वृक्षारोपण,बड़े-बड़े छायादार वृक्ष लगायें जाएं और उनका प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर कम से कम 5 वर्ष तक संरक्षण की समुचित व्यवस्था हो जिससे पाटन तहसील के आसपास के गांव का पर्यावरण संतुलन बना रहे।
अतः उच्च प्रशासनिक अधिकारियों एवं राजनीतिकज्ञों को इस विषय पर गंभीर चिंतन की अत्यंत आवश्यकता है। जिससे कि इस भयंकर बीमारी से निजात पाई जा सके।