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भरतपुर : कृषि महाविद्यालय भुसावर पर 10 जनवरी 2026 को विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष में ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन हुआ**

By Goapl Gupta · 10 Jan 2026 · 43 views
*भरतपुर : कृषि महाविद्यालय भुसावर पर 10 जनवरी 2026 को विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष में ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन हुआ****
कृषि महाविद्यालय भुसावल पर 10 जनवरी 2026 को विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय के डीन ,डॉक्टर उदयभान सिंह ने कहा कि भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी अब हमारी सरहदों को लांघकर विश्व के अनेक देशों में बोली वह समझी जाती है। दुनिया की तीसरी भाषा हिंदी का प्रयोग 61 करोड़ से अधिक लोग करते हैं।
हिंदी भाषा कंप्यूटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के पटल पर भी तेजी से बढ़ रही है।
विश्व हिंदी सचिवालय मॉरीशस में है। डॉक्टर उदयभान सिंह ने बताया कि हिंदी के स्वर और व्यंजनों का मेल प्राकृतिक है। इसमें जैसा बोला जाता है, वैसा ही लिखा जाता है। भारत सरकार लंबे समय से हिंदी को संयुक्त राष्ट्र में सातवीं आधिकारिक भाषा बनाने का प्रयत्न कर रही है। वर्तमान मेंयहांअंग्रेजी ,फ्रेंच ,स्पेनिश, अरबी, चीनी ,रूसी भाषा आधिकारिक भाषाएं हैं।
हिंदी एक जीवित भाषा है इसमें व्यवहारिकता के आधार पर अन्य भाषाओं के शब्दों का समावेश भी किया जा सकता है।
विश्व के सुरीनाम,फिजी और मॉरिशस में क्षेत्रीय भाषा के रूप में मान्यता दी गई है। विश्व में नमस्ते कहने का प्रचलन बढ़ रहा है, क्योंकि हिंदी हमारी संस्कृति से जुड़ी भाषा है।
रिपोर्टर *वॉइस ऑफ़ मीडिया* राजस्थान
शिंभू सिंह शेखावत
[10/01, 9:03 pm] शंभू सिंह शेखावत नीमकाथाना: *भरतपुर : कृषि महाविद्यालय भुसावर पर 10 जनवरी 2026 को विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष में ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन हुआ****
कृषि महाविद्यालय भुसावर पर 10 जनवरी 2026 को विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय के डीन ,डॉक्टर उदयभान सिंह ने कहा कि भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी अब हमारी सरहदों को लांघकर विश्व के अनेक देशों में बोली वह समझी जाती है। दुनिया की तीसरी भाषा हिंदी का प्रयोग 61 करोड़ से अधिक लोग करते हैं।
हिंदी भाषा कंप्यूटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के पटल पर भी तेजी से बढ़ रही है।
विश्व हिंदी सचिवालय मॉरीशस में है। डॉक्टर उदयभान सिंह ने बताया कि हिंदी के स्वर और व्यंजनों का मेल प्राकृतिक है। इसमें जैसा बोला जाता है, वैसा ही लिखा जाता है। भारत सरकार लंबे समय से हिंदी को संयुक्त राष्ट्र में सातवीं आधिकारिक भाषा बनाने का प्रयत्न कर रही है। वर्तमान मेंयहांअंग्रेजी ,फ्रेंच ,स्पेनिश, अरबी, चीनी ,रूसी भाषा आधिकारिक भाषाएं हैं।
हिंदी एक जीवित भाषा है इसमें व्यवहारिकता के आधार पर अन्य भाषाओं के शब्दों का समावेश भी किया जा सकता है।
विश्व के सुरीनाम,फिजी और मॉरिशस में क्षेत्रीय भाषा के रूप में मान्यता दी गई है। विश्व में नमस्ते कहने का प्रचलन बढ़ रहा है, क्योंकि हिंदी हमारी संस्कृति से जुड़ी भाषा है।
रिपोर्टर *वॉइस ऑफ़ मीडिया* राजस्थान
शिंभू सिंह शेखावत

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