प्रमाण्य-9 : भारतीय सेना हमारा अभिमान” — सैनिकों के सम्मान में उदयपुर में उमड़ा कृतज्ञ राष्ट्रप्रेम
By Goapl Gupta ·
15 Jan 2026 ·
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प्रमाण्य-9 : भारतीय सेना हमारा अभिमान” — सैनिकों के सम्मान में उदयपुर में उमड़ा कृतज्ञ राष्ट्रप्रेम
उदयपुर संवाददाता जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। “भारतीय सैनिकों के नाम, समाज की ओर से एक कृतज्ञ प्रणाम”—इसी भावपूर्ण संदेश के साथ हवेली परिवार राजस्थान द्वारा आयोजित “प्रमाण्य-9 : भारतीय सेना हमारा अभिमान” सैनिक सम्मान समारोह आरसीए सभागार में गरिमामय वातावरण में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। भारतीय सेना दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के त्याग, शौर्य और बलिदान को नमन करता हुआ राष्ट्रप्रेम का जीवंत उत्सव बन गया। हवेली परिवार की ओर से प्रद्युमन सिंह राठौड़ गुड़ा एवं डॉ. संजय नागदा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल एन.के. सिंह (से.नि.) सहित विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। दीप की लौ के साथ ही सभागार में देशभक्ति की ज्योति प्रखर हो उठी। इसके पश्चात स्वागत उद्बोधन, देशभक्ति गीत, ऊर्जा से भरपूर योग प्रदर्शन एवं वीर सैनिकों तथा गणमान्य अतिथियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
सांस्कृतिक संयोजिका प्रियंका व्यास के निर्देशन में प्रस्तुत राजस्थानी लोक नृत्य, लेट-अस-हूप डांस, रॉयल इंस्टिट्यूट की प्रस्तुति, कथक, ‘द सरगम’ का संगीतमय कार्यक्रम, दिया श्रीमाली का तिरंगे को समर्पित भावनात्मक नृत्य एवं कवि आयुष अरोड़ा की ओजस्वी काव्य प्रस्तुति ने सैनिकों के अदम्य साहस को शब्दों और सुरों में जीवंत कर दिया। हवेली परिवार के राजेश माली ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल एन.के. सिंह सहित अन्य वक्ताओं के प्रेरक संबोधनों ने समाज में सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को और सशक्त किया। समारोह में पूर्व अध्यक्ष आरएनऐ उदयपुर हेमंत आमेटा एवं डॉ. राहुल व्यास ने सभी अतिथियों, कलाकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन आरजे काव्य ने प्रभावशाली ढंग से किया।
इस अवसर पर दलपत सिंह (राजस्थान प्रशासनिक सेवा), गजपाल सिंह राठौड़ (जिला अध्यक्ष भाजपा उदयपुर), गिरीश शर्मा, डॉ. के.सी. यादव, डॉ. शैलेन्द्र पण्ड्या, जी.एल. कुमावत, पंकज बोराना एवं रमेश चौधरी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में हरीश मेनारिया, भरत राठौड़, जयपाल सिंह मांडा, मनोज शर्मा, गौरांश, रियांशी रॉय एवं मानस गहलोत का विशेष योगदान रहा।