संजीवनी ने शुरु किया ‘पिंक टैग प्रोजेक्ट’
By Goapl Gupta ·
21 Jan 2026 ·
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संजीवनी ने शुरु किया ‘पिंक टैग प्रोजेक्ट’
संजीवनी ने शुरु किया ‘पिंक टैग प्रोजेक्ट’
उदयपुर । फेडरल बैंक हॉरमिस मेमोरियल फाउंडेशन, न्यूज18 नेटवर्क और नॉलेज पार्टनर टाटा ट्रस्ट्स द्वारा शुरू की गई परिवर्तनकारी पहल “संजीवनी: यूनाइटेड अगेंस्ट कैंसर” के तीसरे संस्करण में “द पिंक टैग प्रोजेक्ट” लॉन्च किया गया है। यह एक अनोखी और असरदार व्यवहार परिवर्तन पहल है, जो महिलाओं तक उनके सबसे निजी और व्यक्तिगत पलों में पहुंचती है और उन्हें यह याद दिलाती है कि अपनी देखभाल कोई विलासिता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा लिए जरूरी है।
इस पहल पर बात करते हुए फेडरल बैंक के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर एम. वी. एस. मूर्ति ने कहा कि फेडरल बैंक हॉरमिस मेमोरियल फाउंडेशन में हमारा मानना है कि असली बदलाव बडे और दिखावटी अभियानों से नहीं आता। बदलाव उन प्रयासों से आता है जो धीरे से, लगातार और संवेदनशीलता के साथ लोगों तक पहुंचते हैं। पिंक टैग प्रोजेक्ट व्यवहार आधारित डिजाइन की ताकत को दिखाता है। स्थानीय दर्जीयों और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर हमने एक साधारण कपडे को जीवन बचाने वाला साधन बना दिया है। यह दान नहीं है, यह सशक्तिकरण है। यह महिलाओं से वहीं मिलने की कोशिश है जहां वे हैं, उनके रोज़मर्रा के जीवन में, और उन्हें खुद की रक्षा करने की ताकत देना है। जब स्वयं की देखभाल एक आदत बन जाती है, तब जीवन की रक्षा संभव होती है। पिंक टैग प्रोजेक्ट हमारे समुदायों के प्रति हमारे लगातार और लंबे समय के दृष्टिकोण को दिखाता है।
हडलर्स इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक और सीईओ सुरोजित सेन ने कहा कि संजीवनी पहल पर काम करते हुए हमें लोगों के व्यवहार को गहराई से समझने का मौका मिला, खासतौर पर कैंसर जांच के नजरिए से। किसी के पास जांच के लिए समय नहीं होता, खासकर महिलाओं के पास, जिन्हें अपने स्वास्थ्य के लिए भी मुश्किल से समय मिलता है। तभी हमें एक ऐसा पल मिला, जब महिला अकेली होती है और खुद पर ध्यान देती है, यानी कपडे पहनते समय। यह रोज़ का पल है। हमें लगा कि जीवन बचाने वाला संदेश उसी पल में जोड देना चाहिए। पिंक टैग प्रोजेक्ट सिर्फ एक अभियान नहीं है, बल्कि एक साधारण कपडे के टैग के रूप में पेश किया गया व्यवहार परिवर्तन का प्रयास है। शुरुआती प्रतिक्रिया बहुत मजबूत रही है, क्योंकि यह दिखावटी नहीं है, यह सच्चा है, ज़रूरी है और सचमुच उनके जीवन में बुना हुआ है।