विद्यार्थी जीवन सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग कर बढ़े आगे : प्रो. निमित चौधरी, कुलगुरु*
By Goapl Gupta ·
24 Jan 2026 ·
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*राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में “थाउजेंड मिनिट्स ऑफ पीस” प्रतिस्पर्धा का शुभारंभ*
*विद्यार्थी जीवन सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग कर बढ़े आगे : प्रो. निमित चौधरी, कुलगुरु*
कोटा, 23 जनवरी,राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में दिनांक 24 जनवरी से 10 फरवरी तक आयोजित किए जाने वाली प्रतिस्पर्धा “थाउजेंड मिनिट्स ऑफ पीस" का कुलगुरू प्रोफेसर निमित चौधरी ने पोस्टर का विमोचन किया एवं प्रतिस्पर्धा का औपचारिक उद्घाटन किया। सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, आंतरिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार के उद्देश्य से थाॅट एवं इन्नोवेशन केंद्र द्वारा “थाउजेंड मिनिट्स ऑफ पीस" नामक पन्द्रह दिवसीय प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है। उपरोक्त कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को मेडिटेशन एवं ध्यान के बारे में बताया जाएगा। ध्यान के द्वारा एकाग्रता बढ़ाने के लिए निर्देशित (गाइडेड) अवस्था में मेडिटेशन कराया जाएगा, मेडिटेशन की मिनिट्स को रिकॉर्ड करने के पश्चात, अधिकतम टोटल मिनट ध्यान करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशंसा पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रतिस्पर्धा के उद्घाटन सत्र में माननीय कुलगुरु निमित चौधरी के साथ रिटायर्ड रियर एडमिरल श्री विनीत बक्शी (वी एस एम), चीफ कोऑर्डिनेटर थॉट एंड इन्नोवेशन सेंटर डॉ लता गिदवानी, डॉ बी डी गिदवानी, डॉ अजय शर्मा, डॉ. एस. डी. पुरोहित, बीके प्रदीप, बीके विनोद एवं थॉट केंद्र के वॉलिंटियर्स के साथ-साथ छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
माननीय कुलगुरू प्रोफेसर चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों के मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं आत्मबल को सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि “थाउजेंड मिनिट्स ऑफ पीस” प्रतिस्पर्धा विश्वविद्यालय में एक शांत, सकारात्मक एवं ऊर्जावान शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने छात्रों को प्रतिदिन कुछ समय शांतिपूर्ण स्थान पर ध्यान करने के लिए प्रोत्साहित किया जिससे उन्हें पढ़ाई एवं जीवन में संतुलन प्राप्त हो।
इस अवसर पर थॉट एंड इनोवेशन सेंटर की मुख्य समन्वयक डॉ. लता गिदवानी ने परियोजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह पहल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ध्यान एवं योग, तनाव हार्मोन को कम करता है और मस्तिष्क को शांत करता है। नियमित अभ्यास से मानसिक स्पष्टता और याददाश्त में सुधार होता है। योग एकाग्रता को बढ़ाने के साथ-साथ नकारात्मक विचारों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है एवं भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है। योग से मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य में भी लाभ होता है। योग से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है एवं उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायक होता है। यह अनिद्रा को दूर करके नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है। शरीर में प्राण ऊर्जा की मात्रा बढ़ती है।
पीआरओ डॉ सुनील दत्त पुरोहित ने छात्रों के लिए ध्यान योग के बेनिफिट्स के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि योग तनाव कम करने और मानसिक स्पष्टता में सुधार करने का एक शक्तिशाली साधन है। नियमित अभ्यास से पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है जिससे पढ़ाई जल्दी याद होती है। ध्यान करने से मानसिक थकान कम होती है एवं मन शांत रहता है। अच्छी एवं बेहतर नींद मिलने से छात्रों का स्वास्थ्य सुधरता है एवं वे तरोताजा महसूस करते हैं। डॉ अजय शर्मा ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि नियमित रूप से ध्यान एवं योग का अभ्यास करने वाले छात्रों में आत्म जागरूकता का विकास होता है जिससे उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास में मदद मिलती है तथा छात्र अपने लक्षण के प्रति अधिक जागरूक होते हैं।
जनसंपर्क अधिकारी
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा